- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की धर्मयुद्ध यात्रा 22 मई को पहुंचेगी प्रतापगढ़
- गौ संरक्षण का संदेश लेकर निकली 81 दिवसीय यात्रा का प्रतापगढ़ में होगा भव्य स्वागत
- स्वामी करपात्री जी महाराज की जन्मस्थली भटनी से होगा यात्रा का शुभ आगमन
- मां बेला देवी धाम में होगी आरती और दर्शन-पूजन
- सनातन संस्कृति और गौ रक्षा के संदेश के साथ निकली धर्मयुद्ध यात्रा
- डॉ. शिवेशानन्द महाराज ने लोगों से यात्रा में शामिल होने की अपील की
यूपी प्रतापगढ़। सनातन धर्म और गौ संरक्षण का संदेश लेकर निकली 81 दिवसीय “गविष्ठि गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा” 22 मई को जनपद प्रतापगढ़ में आगमन होगा। ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के नेतृत्व में निकाली जा रही इस यात्रा को लेकर जिले भर में उत्साह का माहौल है। जगह-जगह स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यात्रा के जिला प्रभारी डॉ. शिवेशानन्द महाराज ने बताया कि पूज्य शंकराचार्य महाराज का प्रतापगढ़ में प्रवेश सलवन मार्ग से होगा। यात्रा सबसे पहले धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की जन्मस्थली भटनी पहुंचेगी, जहां श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत एवं पूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद यात्रा लालगंज, सगरा सुंदरपुर और मोहनगंज होते हुए प्रतापगढ़ मुख्यालय स्थित लीला पैलेस पहुंचेगी। यहां शंकराचार्य महाराज पत्रकारों को संबोधित करेंगे। इसके बाद यात्रा अंबेडकर चौराहा, चौक और ठठेरी बाजार होते हुए मां बेला देवी धाम पहुंचेगी, जहां दर्शन-पूजन एवं आरती का कार्यक्रम होगा। यात्रा चिलबिला, दीवानगंज, पट्टी, उड़ैयाडीह, जामताली, रानीगंज, पृथ्वीगंज, जेठवारा और बाघराय होते हुए टोड़ी का पुरवा पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। दूसरे दिन 23 मई को यात्रा शकरदहा, बिहार, कुंडा और मानिकपुर होते हुए मां ज्वाला देवी धाम पहुंचेगी। वहां से यात्रा कड़ा धाम मार्ग से कौशांबी के लिए रवाना होगी।डॉ. शिवेशानन्द महाराज ने कहा कि यह यात्रा गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का संदेश लेकर चल रही है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर यात्रा का स्वागत करने की अपील की है। देखें प्रतापगढ़ से विशाल रावत की ख़ास रिपोर्ट

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