- मानदेय के लिए भटक रहीं शौचालय केयरटेकर महिलाएं
- रिश्वत मांगने के आरोप से घिरा ब्लॉक प्रशासन
- बदायूं में महिलाओं ने SDM से लगाई न्याय की गुहार
- नौकरी से निकालने की धमकी से दहशत में महिलाएं
- महीनों से रुका भुगतान, रोते-बिलखते अधिकारियों पर लगाए आरोप
- बिसौली में केयरटेकर महिलाओं का फूटा दर्द
फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी के बदायूं के बिसौली में जहाँ
दिन-रात मेहनत करके जैसे-तैसे अपने परिवार का पेट पालने वाली गरीब और लाचार महिलाओं के आंसुओं को देखने वाला कोई नहीं है। ब्लॉक असफपुर की विभिन्न ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय केयरटेकर के रूप में काम करने वाली महिलाओं का दर्द अब छलक उठा है। एक तरफ जहां महीनों से उनका मानदेय नहीं मिला है, वहीं दूसरी तरफ ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारी उनका हक देने के बदले मोटी रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
इस व्यवस्था से टूटी और प्रताड़ित महिलाओं ने रोते-बिलखते हुए उप-जिलाधिकारी (SDM) बिसौली को सामूहिक शिकायत पत्र सौंपकर न्याय की भीख मांगी है।अधिकारियों की बेरुखी और महिलाओं का छलका दर्द:
भूख और मजबूरी का फायदा: पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि उनका रुका हुआ मानदेय जारी करने के बदले ब्लॉक के अधिकारियों और समूह की मिलीभगत से भारी रिश्वत मांगी जा रही है। मेहनत का पैसा पाने के लिए भी उन्हें दर-दर भटकने पर मजबूर किया जा रहा है।
नौकरी छीनने की धमकी और मानसिक प्रताड़ना: आरोप है कि वे इन गरीब महिलाओं को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। अपनी लाचारी बयां करने पर उन्हें हर छोटी बात पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है, जिससे महिलाएं गहरे डर और तनाव में जीने को मजबूर हैं।
संरक्षण और खौफ का माहौल: महिलाओं ने अत्यंत दुख के साथ बताया कि कोई महिला आवाज़ उठाने की कोशिश करती है, तो उन्हें डराते-धमकाते हैं।
न्याय की आस में लाचार आँखें:सब तरफ से निराश होकर इन पीड़ित महिलाओं ने इस गंभीर और संवेदनशील मामले की निष्पक्ष व गोपनीय जांच कराने की मांग की है। महिलाओं ने रुंधे गले से प्रशासन से गुहार लगाई है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और बिना किसी रिश्वत के उनका रुका हुआ मानदेय दिलवाया जाए, ताकि उनके घरों में चूल्हा जल सके। देखे बदायूं से शिव ओम की रिपोट 151082090
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