मुगल साम्राज्य के समय दिल्ली के लाल किले पर स. जस्सा सिंह अहलूवालिया और स. जस्सा सिंह रामगढ़िया द्वारा किया गया था कब्जा,दिल्ली के लगभग एक दर्जन ऐतिहासिक गुरुद्वारों का किया था पुनरुद्धार
उत्तराखंड,गदरपुर । सिख मिशनरी कॉलेज लुधियाना की गदरपुर इकाई द्वारा गुरुद्वारा सिंह सभा परिसर गदरपुर,उधम सिंह नगर, उत्तराखंड में आयोजित योद्धाओं के सम्मान कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी द्वारा किया गया । अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मुगल साम्राज्य के पतन के समय सरदार जस्ता सिंह रामगढ़िया एवं जस्सा सिंह आहलूवालिया के अलावा भाई बघेल सिंह तथा अन्य महान योद्धाओं के सहयोग से दिल्ली के लाल किले पर खालसा परचम फहराया गया था । इस दौरान दिल्ली में 30000 की फौज रख कर सिख धर्म से संबंधित ऐतिहासिक गुरुद्वारों का निर्माण एवं पुनरुद्धार करवाया था। जिनकी याद में आज गुरुद्वारा शीशगंज साहिब सहित,तीस हजारी, मिठाई पुल सहित यादगारें शामिल हैं उन्होंने कहा महान योद्धाओं को नमन करते हुए हमें उनके जन्मदिन, शहीदी दिन एवं ऐतिहासिक दिन मनाने के साथ उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेना चाहिए । कार्यक्रम आयोजक देवेंद्र सिंह ने बताया ,महान योद्धाओं के जन्मदिन पर आर्थिक रूप से पिछड़े जरूरतमंद 25 परिवारों को खाद्य सामग्री प्रदान करके उन्हें राहत प्रदान की गई । उक्त कार्य माह में एक बार विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाता है । वहीं सिख मिशनरी कॉलेज द्वारा समाज भलाई कार्यो के अंतर्गत लगातार 20 वर्ष से आयोजित किये जा रहे सिलाई प्रशिक्षण शिविर की द्वितीय सत्र की 15 बालिकाओं को भी सूट देकर सम्मानित किया गया । वर्तमान में वार्ड नंबर 10 में आयोजित शिविर में 45 बालिकाएं सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है जिन्हें संस्था द्वारा मुफ्त कपड़ा और सिलाई मशीन की सुविधा प्रदान की जाती है । समाज सेवी सुखविंदर सिंह और बलराज सिंह ने समाज भलाई के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अन्य लोगों को भी ऐसे नेक और पुनीत कार्यों के लिए अपना कुछ ना कुछ सहयोग अवश्य करना चाहिए कार्यक्रम आयोजक देवेंद्र सिंह ने बताया कि हर माह लगभग दो दर्जन से अधिक जरूरतमंद परिवारों को राशन सामग्री, दो दर्जन बच्चों को शिक्षण सामग्री एवं हर तीन माह में 10 विवाह योग्य बालिकाओं को घरेलू सामग्री सहित सूट प्रदान किये जाते हैं जिसके लिए सम्मानित समाजसेवियों का सहयोग मिलता रहता है और भविष्य में भी सहयोग अपेक्षित है । इस दौरान पात्र सिमरन कौर,
साजिया,राखी,सिमरन, पूनम,सायरा,ज्योति,ममता,
अर्चना,सायरीन,निशा,रीना, कमलजीत कौर,राजमाला,
अनीता,सुनीता,पूजा रेखा,
अलशिफा,इरशाद,सुहानी, अमर नाम,प्रभा सरकार,प्रकाश कौर,लक्खो देवी,रेशमा,रानी कौर,किरन,सिकंदर आदि थे।
