सात दिन में व्यवस्था सुधारने का समय दिया गया था
गाजियाबाद। फायर सेफ्टी संयंत्रों की अनदेखी करने वाली सोसायटियों पर फायर सर्विस डिपार्टमेंट ने नजरें टेढ़ी कर ली हैं। महानगर स्थित दो सोसायटियों पर चीफ फायर ऑफिसर ने जनपद न्यायालय में वाद दायर कराया है। इस कार्यवाही के बाद अन्य सोसायटियों में भी हड़कम्प मच गया है। वहीं फायर सर्विस विभाग के अधिकारियों ने यह कार्यवाही कर लापरवाही बरतने वाले आरडब्लूए अधिकारियों को भी स्पष्ट चेतावनी दे दी है।
बता दें कि बीते दिनों हाई राइज बिल्डिंग में लगी आग की घटना के बाद फायर सर्विस विभाग ने फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन कराने की कवायद शुरू की थी। इसी क्रम में चीफ फायर ऑफिसर राहुल पाल ने बीती 2 मई को गुलमोहर सहित कुछ सोसायटियों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्हें फायर सेफ्टी उपकरणों में काफी कमियां मिली थीं। जिन्हें सुधारने के लिए 7 दिन का समय अग्निशमन अधिकारी शेषनाथ यादव ने नोटिस जारी करते हुए दिया था। गत वर्ष भी सोसायटी के आरडब्लूए को नोटिस जारी कर 15 दिन का समय दिया गया था। वहीं गुलमोहर एन्क्लेव में तो फायर की एनओसी तक नहीं ली गई है। बार बार सोसायटियों द्वारा नियमों की अनदेखी कर स्थानीय निवासियों की जान जोखिम में डालने पर विभाग ने सख्ती अपनाई है। चीफ फायर ऑफिसर राहुल पाल ने राकेश मार्ग नेहरू नगर स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसाइटी के बिल्डर विजय जिंदल, आरडब्लूए अध्यक्ष विजेंद्र गिरी और सचिव अरविंद कुमार दोहरे के खिलाफ तथा क्रॉसिंग रिपब्लिक स्थित सुपर्टकली लिविंगस्टन के बिल्डर आर के अरोड़ा और डायरेक्ट मेंटिनेंस एजेंसी के नीतीश अरोड़ा के खिलाफ जनपद न्यायालय में वाद दायर कराया है। इस कार्यवाही के बाद सोसायटियों में रहने वाले लोगों में अपनी सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है।
रिपोर्ट नंदकिशोर शर्मा 151170853
