फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया कासगंज । जनपद के सोरों गेट स्थित सिटी मोहल्ला, ताकिया गली के निवासी एक गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। नगर पालिका प्रशासन द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई ने न केवल एक आशियाना उजाड़ा है, बल्कि एक परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र जरिया भी छीन लिया है।शहर के राजकोल्ड चौराहे के पास, 12 पत्थर मैदान के किनारे अरुण गांधी निवासी ताकिया गली का एक खोखा रखा हुआ था। परिजनों के अनुसार, नगर पालिका की टीम ने अचानक जेसीबी मशीन के साथ पहुँचकर उक्त खोखे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
पीड़ित अरुण गांधी की पत्नी आरती ने बताया कि उनके पति इस समय घर पर मौजूद नहीं हैं। वह अपनी बड़ी बहन के गंभीर ऑपरेशन के सिलसिले में दिल्ली गए हुए हैं। घर के मुखिया की अनुपस्थिति में हुई इस अचानक कार्रवाई से परिवार सदमे में है। जैसे ही खोखा तोड़े जाने की खबर परिजनों को मिली, वे आनन-फानन में मौके पर पहुँचे, लेकिन तब तक सब कुछ बर्बाद हो चुका था।
पीड़ित परिवार ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि प्रशासन द्वारा उन्हें कोई लिखित या मौखिक सूचना नहीं दी गई थी। आरती का आरोप है कि उसी स्थान पर अन्य कई खोखे और दुकानें अभी भी यथावत रखी हुई हैं, लेकिन प्रशासन ने केवल उनके खोखे को ही निशाना बनाया।यह खोखा अरुण गांधी की जीविका का एकमात्र साधन था, जिससे उनके पूरे परिवार का पेट पलता था।"मेरे पति दिल्ली में अपनी बहन के ऑपरेशन में व्यस्त हैं और यहाँ पीछे से हमारी रोजी-रोटी छीन ली गई। अगर प्रशासन को हटाना ही था, तो सबको हटाते या हमें थोड़ा समय देते। अब हम अपना गुजारा कैसे करेंगे?"
इस मामले में स्थानीय लोगों में भी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि मानवीय आधार पर प्रशासन को कम से कम बीमारी के समय ऐसी कठोर कार्रवाई से बचना चाहिए था। खबर लिखे जाने तक नगर पालिका प्रशासन की ओर से इस विशिष्ट मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हुआ है। रिपोर्ट संजय सिंह 151110069
