ओवरस्पीड इको गाड़ी खंती में पलटी, 3 वर्षीय मासूम की मौत
अवैध सवारी वाहनों पर पुलिस-प्रशासन की चुप्पी बनी हादसों की वजह!
भितरवार-डबरा मेन रोड स्थित करियावटी के पास मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। दंदरौआ सरकार के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक इको गाड़ी तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में पलट गई। हादसे में लगभग एक दर्जन लोग घायल हो गए, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं।
हादसे में घायल हुए 3 वर्षीय हिमांशु पुत्र विकास धाकड़ निवासी वार्ड क्रमांक 14 भितरवार की हालत गंभीर होने पर उसे ग्वालियर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। वहीं कीर्ति पुत्री संजय धाकड़ उम्र 16 वर्ष एवं विनय पुत्र संजय धाकड़ उम्र 8 वर्ष सहित कई लोग घायल बताए गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भितरवार में लंबे समय से निजी फोर व्हीलर वाहन—इको, अर्टिगा और अन्य गाड़ियां—खुलेआम सवारियां ढो रही हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि ये वाहन भितरवार थाना के सामने से ही यात्रियों को भरकर निकलते हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन की आंखों के सामने सब कुछ होने के बावजूद कार्रवाई शून्य बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार भितरवार से डबरा रूट पर चल रही अधिकांश निजी गाड़ियां एलपीजी गैस किट से संचालित हो रही हैं, जिनमें कई के पास वैध आरटीओ परमिट तक नहीं हैं। क्षमता से अधिक सवारियां भरना, तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाना और बिना फिटनेस के मौत बन चुकी इन गाड़ियों पर जिम्मेदार विभाग आखिर कब कार्रवाई करेगा, यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस और आरटीओ विभाग ने अवैध सवारी वाहनों पर सख्ती दिखाई होती, तो शायद आज एक मासूम की जान नहीं जाती। हादसे के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

