मुरैना में जहरीले पानी का कहर, प्रदूषित नदी का पानी पीने से 3 राष्ट्रीय पक्षी मोर और 2 गायों की मौत, हाईवे पर ग्रामीणों का प्रदर्शन
मुरैना जिले की पहचान मोर के नाम से मशहूर हुई आज मोर की यह संख्या घट रही है
प्रशासन चद्दर ओढ़ के सो रहा है
मुरैना में एक बार फिर प्रदूषण का खौफनाक चेहरा सामने आया है। सांक नदी में टायर फैक्ट्री से छोड़े जा रहे कथित जहरीले पानी ने बेजुबानों की जान ले ली। प्रदूषित पानी पीने से तीन राष्ट्रीय पक्षी मोर और दो गायों की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि टायर फैक्ट्री में एसटीपी प्लांट नहीं है और फैक्ट्री से निकलने वाला केमिकल युक्त गंदा पानी सीधे सांक नदी में छोड़ा जा रहा है। इसी जहरीले पानी को पीने से मोरों और गायों की मौत हुई है।
घटना की जानकारी मिलते ही गुस्साए ग्रामीण सड़क पर उतर आए और नेशनल हाईवे-44 पर मोरों के शव रखकर जोरदार चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। लोगों ने फैक्ट्री प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। मुरैना के अपर कलेक्टर अश्विन कुमार ने ग्रामीणों को समझाइश देकर प्रदर्शन शांत कराया। प्रशासन ने मृत मोरों और गायों का पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक फैक्ट्रियों का जहरीला पानी बेजुबान जानवरों और पर्यावरण की बलि लेता रहेगा? यह थी राजेश शिवहरे की रिपोट
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