वाराणसी। वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा बुद्ध विहार आवासीय कॉलोनी में नियमों के विपरीत संचालित हो रहे होटलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 13 होटलों को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई मानचित्र स्वीकृति से विचलन एवं बिना मानचित्र स्वीकृति के होटल संचालन पाए जाने पर की गई।
प्राधिकरण के अनुसार बुद्ध विहार कॉलोनी एक आवासीय क्षेत्र है, जहां कुछ भवन स्वामियों ने आवासीय उपयोग के लिए मानचित्र स्वीकृत कराकर बाद में होटल संचालन शुरू कर दिया था, जबकि कुछ भवन बिना मानचित्र स्वीकृति के ही होटल के रूप में संचालित किए जा रहे थे। जांच में पाया गया कि अधिकांश होटलों में समुचित पार्किंग व्यवस्था नहीं थी, जिससे स्थानीय निवासियों को यातायात जाम, अवैध पार्किंग, ध्वनि प्रदूषण तथा सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
वीडीए ने बताया कि आवासीय क्षेत्र में होटल संचालन के कारण बाहरी व्यक्तियों की अत्यधिक आवाजाही बढ़ रही थी तथा आपातकालीन स्थिति में अग्निशमन एवं राहत वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होने की आशंका बनी रहती थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ होटल संचालकों ने सराय एक्ट की धारा 4/5 के अंतर्गत फर्जी एवं कूट रचित दस्तावेज प्रस्तुत कर लाइसेंस प्राप्त किया था।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रवर्तन टीम द्वारा होटल किरन पैलेस, होटल A-ZURE, होटल Four Leaf, होटल Xedic Roots, स्टे इन काशवी, ट्रस द्वारा भूतल पर निर्मित नया होटल, होटल रियो बनारस, होटल Zion Inn, होटल पार्क प्लाज़ा, होटल सिल्क सिटी, होटल हॉलिडे इन, होटल स्कायर इन तथा Comfort in Banaras को सील कर दिया गया।
वीडीए ने भवन स्वामियों को निर्देशित किया है कि वे उत्तर प्रदेश भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 के अनुरूप होटल उपयोग हेतु मानचित्र स्वीकृत कराएं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा मानक, सड़क की न्यूनतम चौड़ाई, भू-उपयोग की संगतता एवं अन्य आवश्यक मानकों की पूर्ति के बाद ही होटल एवं गेस्ट हाउस संचालन की अनुमति दी जा सकती है।
प्राधिकरण ने यह भी बताया कि वर्तमान समय में मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल एवं त्वरित बनाया गया है तथा पात्र मामलों में सात दिनों के भीतर मानचित्र स्वीकृत किए जा रहे हैं। वीडीए ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण अथवा व्यावसायिक उपयोग नियमानुसार स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।



