कुशीनगर जिले में पाकिस्तानी मेड पंखा बरामद होने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये पंखा सऊदी अरब के रास्ते भारत लााया गया था। खुफिया एजेंसियों को शक है कि इसके पीछे हवाला नेटवर्क या अवैध फंडिंग से जुड़ा कोई रैकेट तो नहीं काम कर रहा।
एटीएस के अलावा केंद्रीय एजेंसियों की टीम भी इस नेटवर्क को खंगाल रही हैं। केंद्रीय एजेंसियों के पास सउदी अरब से खरीदा गया पंखे का बिल भी मिला है। इसकी लिखाई उर्दू में है। एजेंसियां कुशीनगर के मदरसे में मेड इन पाकिस्तान पंखा मिलने के बाद सप्लाई चेन और खरीददारों का पता लगा रही है।
सवाल उठ रहा है कि प्रतिबंधित पाकिस्तानी सामान बिना कस्टम जांच के देश में कैसे पहुंचा? एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं इसका इस्तेमाल किसी बड़ी साजिश के लिए फंडिंग के तहत तो नहीं हुआ? एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि अगर पाकिस्तान अगर किसी अपने से गरीब देश में पंखे का निर्यात करता तो ये सामान्य सी बात हो सकती थी।
लेकिन एक अमीर देश सउदी अरब में पाकिस्तान का पंखा निर्यात होना और फिर वहां खरीदारी कर पंखा भारत भेजा जाना, ये चेन एजेंसियों को खटक रहा है। दरअसल, कुशीनगर जिले के विशुनपुरा थाना क्षेत्र के जंगल विशुनपुरा स्थित गोसाई पट्टी के एक मदरसे में पाकिस्तान निर्मित पंखा मिलने से हड़कंप मच गया था।
पंखे पर ‘मेड इन पाकिस्तान’ लिखा होने का फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इसके बाद मामले की जांच तेज हो गई। वहीं, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मदरसा प्रबंधक समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। अभी तक की जांच में सामने आया कि पंखा सऊदी अरब से खरीदकर भेजा गया था, जिसके दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसी में ये खरीदारी वाली पर्ची पुलिस और एजेंसियों के पास पहुंची है। रिपोर्टर फूलमती मौर्य 151188511
