थाना क्षेत्र के मैनपुर दीनापट्टी स्थित ईंट भट्ठे पर शनिवार सुबह का माहौल रोज की तरह सामान्य था। मजदूर परिवार अपने-अपने काम में जुटे थे और उनके मासूम बच्चे पास में खेल रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही मिनटों में हंसी-खुशी मातम में बदल जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ईंट बनाने के लिए निकाली गई मिट्टी से बने बड़े गड्ढे में बरसात का पानी भरा हुआ था। बच्चे खेलते-खेलते उसी के पास पहुंच गए। देखते ही देखते चारों बच्चे पानी में गिर पड़े। इनमें से एक बच्चा किसी तरह बाहर निकल आया। वह रोते-बिलखते दौड़कर परिजनों के पास पहुंचा और घटना की जानकारी दी।
बच्चे की बात सुनकर भट्ठे पर काम कर रहे मजदूर मौके की ओर दौड़े। परिजन बदहवास हालत में गड्ढे में उतर गए और बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद आनन-फानन में सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसया ले जाया गया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद भट्ठे पर काम कर रहे मजदूरों में सन्नाटा पसर गया। मृत बच्चों के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास मौजूद महिलाएं उन्हें संभालने का प्रयास करती रहीं। मजदूरों का कहना था कि भट्ठों पर मिट्टी खनन के बाद बने गहरे गड्ढों की न तो घेराबंदी कराई जाती है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम होते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के बाद ऐसे गड्ढों में पानी भर जाने से वे छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जाती। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। रिपोर्टर फूलमती मौर्य 151188511
