फास्ट न्यूज़ इंडिया चपुन्ना (कन्नौज) । सब इंस्पेक्टर 35 वर्षीय मोहित कुमार यादव की हरियाणा में हुए हादसे में तीन अन्य साथियों और वादी सहित जान जाने की जानकारी उनके पैतृक गांव आदमपुर उम्मेद, सौरिख पहुँचते ही शोक की लहर दौड़ गई। स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। वह जालौन जिले में मंडी चौकी इंचार्ज के पद पर तैनात थे। उनको मृतक आश्रित में पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्ति मिली थी।
आदमपुर उम्मेद में सन्नाटा पसरा है और मोहित की मां रेशमा देवी व पत्नी नेहा का करुण क्रंदन उस सन्नाटे को पल-पल तोड़ रहा है। हादसे की सूचना पाकर दिवंगत के घर आने वाले हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। स्वजन ने बताया कि मोहित कुमार यादव को वर्ष 2018 में पिता की मृत्यु के बाद मृतक आश्रित में पुलिस विभाग में नौकरी मिली थी। उनके पिता उदयवीर सिंह यादव भी सब इंस्पेक्टर थे। वर्ष 2013 में ड्यूटी के दौरान एक सड़क हादसे में उनकी मृत्यु हो गई थी। उस समय वह फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में तैनात थे। मोहित दो भाइयों में सबसे बड़े थे। छोटा भाई रोहित यादव गांव में रहकर खेतीबाड़ी करता है। मोहित का परिवार छिबरामऊ के राधा कॉलोनी में मकान बनाकर रहता है। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे (छह वर्ष और दो माह) हैं। बच्चों के सिर से पिता का साया उठने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
उप-शीर्षक: 13 वर्ष बाद फिर हरे हो गए पिता की मौत के घाव
आदमपुर उम्मेद गांव में हरियाणा हादसे ने पुराने जख्म भी ताजा कर दिए हैं। मृत सब इंस्पेक्टर मोहित के ताऊ गजेंद्र सिंह बताते हैं कि करीब 13 वर्ष पहले मोहित के पिता उदयवीर सिंह यादव की भी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उदयवीर ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी के रूप में जाने जाते थे। उनकी मृत्यु के बाद परिवार किसी तरह संभला ही था कि अब बेटे मोहित की असमय मृत्यु ने पूरे परिवार को फिर से गहरे दुख में धकेल दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, मोहित कुमार भी अपने पिता की तरह मिलनसार और कर्तव्यपरायण थे। गांव में जब भी आते थे, सभी से आत्मीयता से मिलते थे। उनकी मृत्यु से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव ने एक होनहार और जिम्मेदार युवक को खो दिया है।
अपहरणकर्ताओं को पकड़ने वादी के साथ जा रहे थे पुलिस कर्मी
उरई: किसान के भाई के अपहरण के मामले में मोबाइल फोन की मिली लोकेशन के आधार पर अपहरणकर्ताओं को पकड़ने सोमवार देर रात हरियाणा के लिए निकली पुलिस टीम हादसे का शिकार हुई। स्कॉर्पियो कार मामले के वादी अमरीक सिंह की थी और वही चला रहे थे। उन्होंने अपने साथ रह रहे मौसेरे भाई बिजेंद्र सिंह के अपहरण का मुकदमा चार मई को दर्ज कराया था, जो दो साल से उनके साथ उरई में रहकर बटाई पर ली गई 32 एकड़ जमीन पर खेती में सहयोग कर रहा था।
उन्होंने बताया था कि खेतों पर ही स्थित फार्म हाउस से चार लोग सोमवार सुबह छह बजे सोते समय ब्रजेंद्र का अपहरण कर कार से ले गए। आरोपी उसका मोबाइल फोन भी ले गए व स्वयं को हरियाणा पुलिस बताया था। वहीं, उप्र के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने पुलिसकर्मियों की मृत्यु पर शोक जताया है।
हादसे में जान गंवाने वाले:
सत्यभान सिंह: उपनिरीक्षक (मंडी चौकी प्रभारी, उरई), निवासी अलीपुर, कासगंज।
मोहित कुमार यादव: उपनिरीक्षक (हल्का-एक इंचार्ज), निवासी आदमपुर उम्मेद, कन्नौज।
प्रदीप कुमार: आरक्षी (सर्विलांस सेल), निवासी अंबेडकर नगर, रायबरेली।
अशोक कुमार: आरक्षी, निवासी बबेरू, बांदा।
अमरीक सिंह: वादी, निवासी गांव बुसेरा, संगरूर रिपोट - दीपक 151188461
बेटे की मौत से रोतीबिलखती मां रेशमा देवी