फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
वन विभाग की सुस्ती पर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा; घंटों की मशक्कत के बाद तेंदुए को किया गया रेस्क्यू
पीलीभीत। जनपद के गजरौला कला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम दियूरा में शुक्रवार की सुबह उस वक्त कोहराम मच गया, जब एक आदमखोर हो चुके घायल तेंदुए ने ग्रामीणों पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस खूनी संघर्ष में पांच ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
खेतों में काम करने गए ग्रामीणों पर अचानक टूटा काल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेंदुआ गांव के पास ही गन्ने के घने खेतों में छिपा बैठा था। शुक्रवार सुबह जब ग्रामीण खेतों में काम करने और अपने पशुओं के लिए चारा लेने पहुंचे, तो घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया। तेंदुए के अचानक हमले से ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
इस हमले में गांव के पांच लोग बुरी तरह जख्मी हुए है अंकित (25), पुत्र कृष्णपाल धनपाल (48), पुत्र पूरनलाल ख्याली राम (45), पुत्र सेवाराम गुरलाल (30), पुत्र गुरमुख सोनू (28), पुत्र कड़े राम
सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उपचार जारी है
ग्रामीणों में प्रशासन और वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। आरोप है कि तेंदुए की मौजूदगी की सूचना वन विभाग को सुबह ही दे दी गई थी। ग्रामीणों ने तेंदुए को घेर भी रखा था, लेकिन वन विभाग की टीम घंटों देरी से मौके पर पहुंची।
इसी बीच स्थिति और अधिक हिंसक हो गई। डरी हुई भीड़ ने खुद को बचाने के लिए तेंदुए पर लाठी-डंडों से प्रहार करना शुरू कर दिया। पहले से ही घायल तेंदुए ने जवाबी कार्रवाई में और अधिक आक्रामक होकर ग्रामीणों को अपना निशाना बनाया, जिससे घायलों की संख्या बढ़ गई।
काफी देर तक चले हंगामे और संघर्ष के बाद आखिरकार वन विभाग की टीम ने तेंदुए को काबू में पाया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू कर विभाग ने अपनी संरक्षण में ले लिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेंदुआ पहले से ही घायल था, जिस कारण वह भटककर रिहायशी इलाके में आ गया था। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और ग्रामीण सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की मांग कर रहे हैं। रिपोर्ट जियाउल हक़ खान पीलीभीत -151173981
