खैरथल में अवैध अतिक्रमण चरम पर, प्रशासन मौन — जिम्मेदार कौन?
खैरथल। शहर में अवैध अतिक्रमण की समस्या लगातार विकराल रूप लेती जा रही है। मुख्य मार्गों से लेकर सरकारी रास्तों तक कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हैं, जबकि जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार जिला कलेक्टर एवं नगर पालिका आयुक्त को लिखित शिकायत देकर सरकारी रास्ते पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने की मांग की गई थी, लेकिन शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे आमजन को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण रास्ते संकरे हो गए हैं, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनती है। वहीं प्रशासन की निष्क्रियता से लोगों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही और अवैध कब्जाधारियों पर प्रशासन इतना मेहरबान क्यों है?
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो आमजन आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर सरकारी भूमि और रास्तों को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।
