फास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी बुलंदशहर। जहांगीराबाद शादी-विवाह और मांगलिक कार्यक्रमों में पहले जहां ब्रास बैंड की धुनें बारात की शान हुआ करती थीं, वहीं अब इनका क्रेज लगातार कम होता जा रहा है। आधुनिक साउंड सिस्टम और हाई वॉल्यूम डीजे ने बैंड के पारंपरिक स्वरूप को पीछे धकेल दिया है। हालात यह हैं कि कई बैंड संचालकों को पूरे सीजन में मुश्किल से कुछ ही कार्यक्रम मिल पा रहे हैं, जब कि पहले महीनों पहले तक बुकिंग पक्की हो जाती थी।
बैंड संचालकों के अनुसार पहले किसी भी बारात या शोभायात्रा में बैंड की धुनें ही माहौल बनाती थीं, लेकिन अब युवाओं की पसंद बदलने से डीजे का बोलबाला है। आकर्षक लाइट, तेज संगीत और नए गानों की धुनों ने लोगों को अपनी ओर खींच लिया है। परिणामस्वरूप ब्रास बैंड की मांग तेजी से घटी है और संचालकों को रोजगार का संकट खड़ा होने लगा है।
कई बैंड संचालकों का कहना है कि पहले की तरह एक सीजन में 20 से 25 कार्यक्रम तक आसानी से मिल जाते थे, मगर अब स्थिति उलट चुकी है। कई बार पूरा महीना एक भी बुकिंग नहीं मिलती। बाजार और पसंद के बदलते स्वरूप ने उनके परिवारों की आय पर भी असर डाला है।
डीजे के आने से पड़ा धंधे पर असर
पहले सीजन में लगातार बुकिंग मिलती थीं, लेकिन अब मुश्किल से कम कार्यक्रम मिल पाते हैं। लोगों की पसंद बदलने से बैंड की मांग काफी कम हो गई है।
– आकिल मास्टर, बैंड संचालक
इस वर्ष बुकिंग में आई भारी कमी
इस सीजन 15 बुकिंग की उम्मीद थी लेकिन 12 भी पूरी नहीं हो सकीं। युवाओं के डीजे की तरफ झुकाव ने काम पर सीधा असर डाला है।
– रशिद मास्टर (बैंड संचालक)
पहले जैसी मांग अब नहीं रही
पहले शादी-विवाह के सीजन में लगातार काम मिलता था, पर अब कई बार महीनों तक एक भी कार्यक्रम नहीं मिलता। डीजे की लोकप्रियता ने बैंड के पारंपरिक काम को बड़ा नुकसान पहुंचाया है।
– चिराग अली मास्टर, बैंड संचालक
रिपोर्ट - सुनील कुमार 151044750
