फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी कासगंज । उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक निजी अस्पताल की कथित लापरवाही ने एक नवजात के सिर से माँ का साया छीन लिया। शहर के श्याम हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 24 वर्षीय दीक्षा की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पवसरा निवासी रमेश चंद्र की पुत्री दीक्षा (24 वर्ष) को प्रसव पीड़ा के बाद 30 अप्रैल 2026 को श्याम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उसी दिन दीक्षा ने एक बेटी को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी, लेकिन आज (4 मई) सुबह अचानक दीक्षा की तबीयत बिगड़ गई।
परिजनों का आरोप है कि दीक्षा को कमर से पैर तक तेज दर्द हो रहा था, जिसके चलते उसे सुबह तड़के ही वापस श्याम हॉस्पिटल लाया गया। आरोप है कि सुबह 8 बजे तक अस्पताल में किसी भी जिम्मेदार डॉक्टर ने सुध नहीं ली।
परिजनों ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे डॉक्टर स्पंदन यादव (पुत्र डॉ. श्याम) ने अस्पताल पहुँचकर दीक्षा को CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) दिया। परिजनों का दावा है कि प्रक्रिया के दौरान ही युवती के मुँह से खून आने लगा। स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टर ने तुरंत उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया। अस्पताल से बाहर निकलते ही एम्बुलेंस में दीक्षा की मृत्यु हो गई। मृतक दीक्षा की शादी करीब एक वर्ष पूर्व ग्राम जिन्हेंरा निवासी नरेंद्र (पुत्र राजेश उर्फ राजू) के साथ हुई थी। घर में नन्ही परी के आगमन की खुशियाँ मातम में बदल गईं। एक साल के भीतर ही बेटी की मौत से दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी प्रवेश राणा और क्षेत्राधिकारी आंचल चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले की जाँच शुरू कर दी है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अस्पताल में पहले भी इलाज में लापरवाही की कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने के कारण अस्पताल प्रबंधन के हौसले बुलंद हैं। रिपोर्ट संजय सिंह 151110069
