कैंट पुलिस ने बसों में बैग काटकर सामान चोरी करने वाले बिच्छू गैंग के सात गुर्गों को रविवार को रेलवे स्टेशन के पास गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में छह फिरोजाबाद और एक हाथरस का रहने वाला है। आरोप है कि कुछ दिन पहले इन्हीं बदमाशों ने गोरखपुर से कुशीनगर के फाजिलनगर जा रही रोडवेज बस में वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फिरोजाबाद जिले के कॉलोनी लाइनपार के संतनगर चंदवार गेट निवासी विवेक कुमार, ललितेश, नरेंद्र व अर्जुन, हाथरस के सहपऊ इलाके के उधैना निवासी मुकेश कुमार और फिरोजाबाद जिले के उत्तर थाना क्षेत्र के जैन नगर निवासी नीरज कुमार के रूप में हुई।
जानकारी के अनुसार, सहारनपुर के विजय कॉलोनी निवासी घनश्याम सिंह ने तहरीर में बताया कि 17 अप्रैल को सुबह करीब सात बजे वह पत्नी बिमलावती देवी के साथ परिवहन निगम की गोरखपुर डिपो की बस से गोरखपुर से फाजिलनगर जा रहे थे। यात्रा के दौरान उनका हल्के नीले रंग का ट्रॉली बैग बस में रखा था।
घनश्याम सिंह के अनुसार, बस में चढ़ने के बाद उन्होंने बैग अपने पास रखा था लेकिन कंडक्टर बार-बार बैग को बस के पीछे रखने का दबाव बना रहा था। मना करने के बावजूद कंडक्टर ने इशारा कर किसी अन्य व्यक्ति से बैग पीछे रखवा दिया था
मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की तो बिच्छू गैंग के बारे में पता चला। इसके बाद रविवार को पुलिस ने इसके सात गुर्गों को क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 15 सेफ्टी पिन, 10 फोल्डिंग छोटी चाकू, 10 छोटी कैंची, एक साड़ी व चार हजार रुपये नकद बरामद किए गए।
प्रदेशभर में दर्ज हैं मामले
पकड़े गए गिरोह का सरगना मुकेश है। इसमें कुछ गुर्गे आगरा में रजिस्टर्ड बिच्छू गैंग के भी हैं। मुकेश और अर्जुन पर गोरखपुर के अलावा प्रयागराज, आगरा, बरेली, फिरोजाबाद, अलीगढ़, बस्ती, बुलंदशहर, एटा, जौनपुर, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बागपत और मथुरा में मामले दर्ज हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह प्रदेशभर में वारदातों को अंजाम देता था।
व्हाट्सएप कॉल के बाद होते थे इकट्ठा
पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह के गुर्गे शहर में आकर अलग-अलग होटलों में रूम लेकर रहते थे। हर सुबह 3:30 बजे के आसपास इनका गैंग लीडर सभी गुर्गों को व्हाट्सएप कॉल करके जगाता था। इसके बाद 4:30 बजे के करीब वाॅयस काॅल के जरिये घटना की जगह के बारे में बताया जाता था। इसके बाद सभी गुर्गे अपने-अपने जगह से निकल कर चिह्नित स्थान बस स्टेशन या रेलवे स्टेशन पर पहुंचते थे।
सामान रखने के बहाने आते थे पास
गैंग लीडर पहले यात्रियों को चिह्नित करता था और गुर्गों को जिम्मेदारी देता था। इसके बाद सभी गुर्गे सामान रखने के बहाने यात्री के आसपास जुट जाते थे। इसी दौरान बैग काटकर कीमती जेवर व सामान निकाल लेते और अलग-अलग उतरकर भाग जाते थे। पकड़े गए सभी आरोपियों की उम्र 30 से 40 वर्ष के बीच है। इसमें अर्जुन पर 21 और मुकेश पर 13 मामले दर्ज हैं।
इस संबंध में एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि बसों में में यात्रियों के बैग काटकर सामान चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इसके सात आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्टर फूलमती मौर्य151188511
