फतेहपुर। प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अपराध मुक्त प्रदेश और जीरो टॉलरेंस के सख्त निर्देश दिए गए हैं, लेकिन बिंदकी कोतवाली क्षेत्र में इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी देखने को मिल रही है। हालात ऐसे हैं कि अपराधी बेखौफ हैं और कानून का खौफ पूरी तरह नदारद दिखाई देता है।
बिंदकी ललौली चौराहे के पास लाल मार्केट में एवं जोनिहा चौकी के चंद कदम दूरी पर एक चाय की दुकान से खुलेआम बिक रहा गांजा, पुलिस पर उठे सवाल
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के ललौली चौराहा लाल मार्केट एवं जोनिहा चौकी के चंद कदम दूरी ललौली रोड पर चाय की दुकान में लंबे समय से खुलेआम अवैध गांजा बिक्री का मामला सामने आ रहा है, जो लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। यह प्रकरण न सिर्फ पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है, बल्कि कथित मौन सहमति और संरक्षण की ओर भी इशारा करता है।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गांजा तस्कर को एक माननीय के सहयोगी का संरक्षण प्राप्त बताया जा रहा है, जो उसका करीबी रिश्तेदार है। वहीं, दो कथित जुगलबंदी की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है, जिनकी आड़ में यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। आरोप है कि इन्हीं प्रभावशाली सहयोगियों के दबाव में स्थानीय पुलिस बेबस और मूकदर्शक बनी हुई है आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है—सुबह लगभग 7 बजे से रात लगभग 10 बजे तक खुलेआम गांजा बिक्री,ना कानून का डर, ना कार्यवाही का खौफ।
स्थानीय लोगों का दर्द और सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है, हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होती है। हमारे बच्चे नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं।
एक अन्य ग्रामीण ने कहा _
अगर यही हाल रहा तो आने वाली पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी। पुलिस अगर ईमानदारी से चाहे तो एक दिन में सब बंद हो सकता है।
जल्द वायरल हो सकता है वीडियो, लिखित शिकायत की तैयारी, सूत्रों की मानें तो गांजा विक्रेता का वीडियो जल्द सामने आ सकता है। वहीं, दोनों कथित जुगलबंदी की गतिविधियों को लेकर उनके स्थानीय लोगों द्वारा की जा रही है, ताकि अवैध कारोबार पर स्थायी रोक लगाई जा सके और युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से बचाया जा सके।इन हालातों में इलाके में एक कहावत तेजी से वायरल हो रही है—
हमरे सैंया भइल कोतवाल, तो हमरा डर केहू का
अब सवालों के घेरे में पुलिस_
क्या बिंदकी पुलिस निष्पक्ष और सख्त कार्यवाही करेगी? या फिर प्रभावशाली संरक्षण के आगे कानून यूं ही बेबस रहेगा? क्या जीरो टॉलरेंस सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित रह गया है? जनता जवाब चाहती है, कार्यवाही नहीं तो विश्वास टूटेगा।
रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853
