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फोटो 1 प्रधानाचार्य राजेश कुमार चतुर्वेदी
अब नहीं खड़े रहना पड़ेगा: मेडिकल कॉलेज में हर जगह बैठने की बेहतर सुविधा
इमरजेंसी बिल्डिंग से ओपीडी तक सुधार, मरीजों को मिला सम्मानजनक माहौल
प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज बना उदाहरण: सुविधाओं और व्यवस्था में दिखा बड़ा परिवर्तन
मरीजों को राहत: मेडिकल कॉलेज में बैठने, इलाज और इमरजेंसी सेवाएं हुईं बेहतर
प्रधानाचार्य के नेतृत्व में बदली तस्वीर, मेडिकल कॉलेज में दिखा व्यापक सुधार
भीड़ से व्यवस्था तक: प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज में आया बड़ा बदलाव
इमरजेंसी भी हाईटेक, ओपीडी भी व्यवस्थित—मेडिकल कॉलेज में दिखी नई तस्वीर
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। जनपद के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय प्रतापगढ़ में इन दिनों व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। लंबे समय से जिन बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर मरीजों और उनके परिजनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, अब उन समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन की सक्रियता और बेहतर प्रबंधन के चलते पूरा परिसर अब एक नए स्वरूप में नजर आने लगा है। सबसे बड़ा बदलाव बैठने की व्यवस्था को लेकर देखा जा रहा है। अस्पताल के हर वार्ड, वेटिंग एरिया, ओपीडी और यहां तक कि इमरजेंसी परिसर में भी मरीजों और उनके परिजनों के लिए पर्याप्त संख्या में कुर्सियां उपलब्ध कराई गई हैं। पहले जहां लोग घंटों खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करते थे, वहीं अब उन्हें सम्मानजनक तरीके से बैठने की सुविधा मिल रही है। बुजुर्ग, महिलाएं, गर्भवती मरीज और गंभीर रोगियों के साथ आए परिजनों के लिए यह व्यवस्था किसी राहत से कम नहीं है। इमरजेंसी सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। इमरजेंसी बिल्डिंग को अब अत्यंत सुव्यवस्थित और बेहतर ढंग से विकसित किया गया है। साफ-सफाई, मरीजों की त्वरित एंट्री, प्राथमिक उपचार की सुविधा और चिकित्सकीय प्रबंधन में सुधार से गंभीर मरीजों को तुरंत राहत मिल रही है। पहले जहां अव्यवस्था और भीड़ के कारण परेशानी होती थी, वहीं अब इमरजेंसी में भी अनुशासन और गति दोनों नजर आ रहे हैं। ओपीडी सेवाओं में भी सकारात्मक परिवर्तन सामने आया है। मरीजों का कहना है कि अब डॉक्टर अधिक ध्यानपूर्वक उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और बेहतर तरीके से जांच व परामर्श दे रहे हैं। इससे न केवल इलाज की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बल्कि मरीजों के मन में विश्वास भी बढ़ा है। इस संबंध में नोडल अधिकारी एनसीयू एवं नवजात शिशु बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश पांडेय ने बताया कि अस्पताल प्रशासन मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं और उनके परिजनों के लिए भी बेहतर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिक लक्ष्य है, और इसी दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। इन सभी सुधारों का श्रेय महाविद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश कुमार चतुर्वेदी को दिया जा रहा है, जिनके नेतृत्व में अस्पताल की व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण समस्याओं को चिन्हित कर उनका त्वरित समाधान किया जा रहा है, जिससे आमजन को वास्तविक राहत मिल रही है। वहीं, महिला 100 बेड हॉस्पिटल के सीएमएस डॉ. रमेश पाण्डेय एवं शैलेंद्र कुशवाहा ने भी इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सुधार न केवल एक संस्थान को बेहतर बनाते हैं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक प्रेरणा बनते हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने खुले दिल से इन बदलावों की सराहना की है। उनका कहना है कि अब अस्पताल का माहौल पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और शांत हो गया है। जहां पहले अव्यवस्था और असुविधा देखने को मिलती थी, वहीं अब अनुशासन, सुविधा और संवेदनशीलता का माहौल दिखाई दे रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में यह सुधार केवल भौतिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मरीजों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और बेहतर व्यवहार को भी दर्शाता है। किसी भी अस्पताल की पहचान सिर्फ इलाज से नहीं, बल्कि वहां मिलने वाली सुविधाओं और मानवीय दृष्टिकोण से भी होती है। कुल मिलाकर, डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय प्रतापगढ़ में हो रहे ये व्यापक सुधार संकेत दे रहे हैं कि संस्थान अब एक नए और बेहतर दौर की ओर अग्रसर है। यदि इसी तरह प्रयास जारी रहे, तो आने वाले समय में यह मेडिकल कॉलेज प्रदेश के उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकता है। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049


