संवाददाता
जबलपुर कहते है कि अगर भगवान नहीं देखे तो धरती पर मां को देख लो
बरगी डैम में नौका विहार के दौरान तेज तूफ़ान के कारण नाव पलटने से हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिवारजनों के प्रति हम सभी गहरी संवेदनाएँ हैं।
इस हादसे से एक ऐसी मार्मिक तस्वीर सामने आई, जिसने माँ-बेटे के अटूट प्रेम, त्याग और स्नेह को एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने ला दिया। माँ स्वयं लाइफ जैकेट पहने हुए थी और यदि वह चाहती तो अपने बच्चे का हाथ छोड़कर अपनी जान बचा सकती थी, लेकिन उसने अंतिम क्षण तक अपने बच्चे का साथ नहीं छोड़ा। बच्चे को थामे रखने के कारण दोनों गहरे पानी में समा गए, पर एक माँ ने अपने बच्चे को अकेला नहीं छोड़ा।
यही माँ होती है — भरोसे, ममता, त्याग और निस्वार्थ प्रेम का सबसे बड़ा स्वरूप। भगवान के बाद इस दुनिया में माँ का स्थान सबसे ऊँचा है। जितेन्द्र पांडेय एस आईं महाराष्ट्र फास्ट न्यूज इंडिया चैनल 151144426
