एमपी में 'अफसरशाही' का अत्याचार: भीषण गर्मी में 5 दिन से लाइन में किसान, विधायक के फोन के बाद जागी कुंभकर्णी नींद
महिदपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में प्रशासन और किसान हित के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। घटिया कृषि उपज मंडी में पिछले पांच दिनों से सैकड़ों किसान अपनी फसल बेचने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। विडंबना यह है कि वेयरहाउस फुल होने का बहाना बनाकर किसानों को ठगा जा रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने में लगे हैं।
महिदपुर क्षेत्र के किसान कड़कड़ाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच पिछले 5 दिनों से मंडी में डेरा डाले हुए हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें 'वेयरहाउस फुल' होने की बात कहकर लौटाया गया, लेकिन न तो उन्हें टोकन दिए गए और न ही उनकी उपज की तुलाई शुरू की गई।
हालत: पारा 40 डिग्री के पार है, लेकिन किसान खुले आसमान के नीचे लाइन में खड़े हैं।
विवाद: वेयरहाउसिंग और मंडी प्रशासन के बीच तालमेल का अभाव।
विधायक दिनेश जैन के हस्तक्षेप के बाद मची खलबली
जब किसानों के सब्र का बांध टूटा, तो उन्होंने स्थानीय विधायक दिनेश जैन 'बॉस' को अपनी व्यथा सुनाई। विधायक ने तत्काल मौके की गंभीरता को समझते हुए संबंधित अधिकारियों को फोन लगाया और उनकी जमकर क्लास ली।
"जब किसान गर्मी में तड़प रहा है, तो अधिकारी एसी कमरों में बैठकर तमाशा कैसे देख सकते हैं? यह लापरवाही नहीं, सीधे तौर पर अन्नदाता पर अत्याचार है।" देखे महिदपुर से संजय जाट कि खास खबर
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