खौफनाक डेढ़ साल की मादा तेंदुए की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत; वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
पीलीभीत जनपद से वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चिंताजनक और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के नारायण ढेर गांव के पास स्थित सराय सुंदरपुर नहर में बुधवार सुबह एक मादा तेंदुए का शव उतराता हुआ पाया गया। नहर के पानी में तेंदुए का शव देखते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
जैसे ही स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी सूचना दी, सामाजिक वानिकी प्रभाग की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची। वन कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए के शव को नहर से बाहर निकाला। शुरुआती जांच में वन अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मृत तेंदुआ लगभग 18 महीने (डेढ़ साल) की मादा थी।
शुरुआती तौर पर शव को देखने के बाद मौत के कारणों का कोई स्पष्ट निशान नहीं मिला है। हालांकि, अधिकारी इसे सामान्य मानने को तैयार नहीं हैं। शरीर पर किसी बाहरी चोट की संभावना को लेकर गहनता से पड़ताल की जा रही है कि कहीं यह शिकार या आपसी संघर्ष का मामला तो नहीं।
सामाजिक वानिकी के डीएफओ भरत कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर तत्काल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। डीएफओ के अनुसार, मौत का वास्तविक और सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
इतनी कम उम्र की मादा तेंदुए की नहर में इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिलना क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। क्या यह कोई प्राकृतिक दुर्घटना है या इसके पीछे शिकारियों का हाथ? स्थानीय लोग अब इस मामले में निष्पक्ष और कड़ी जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच सामने आ सके। रिपोर्ट जियाउल हक खान -151173981
