झूठे मुकदमे और बकाया गन्ना भुगतान सहित 6 प्रमुख मांगों को लेकर किसानों ने भरी हुंकार
पीलीभीत। बुधवार को पीलीभीत के कलेक्ट्रेट परिसर में किसानों ने अपनी विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और कथित राजनीतिक उत्पीड़न के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा के नेतृत्व में जुटे दर्जनों किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे
ज्ञापन में ग्राम अण्डरायन निवासी किसान ललित वर्मा पर दर्ज मुकदमे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने आरोप लगाया कि जिला पूर्ति विभाग ने राजनीतिक दबाव में आकर ललित वर्मा के विरुद्ध 'आवश्यक वस्तु अधिनियम (3/7)' के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान ने केवल सिंचाई और जुताई के लिए डीजल का स्टॉक रखा था, जिसे आधार बनाकर उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। किसानों ने इस मुकदमे को तत्काल निरस्त कर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी छह मुख्य मांगें रखीं, जो खेती और उनकी आर्थिक स्थिति से जुड़ी हैं
जनपद की शुगर मिलों पर किसानों का ₹253 करोड़ का गन्ना बकाया है। किसानों ने इसे अविलंब ब्याज सहित दिलाने की अपील की। ग्रीष्मकालीन फसलों के लिए खाद की भारी कमी है, जिसे तत्काल दूर करने की मांग की गई। मौसम की मार से गेहूं की पैदावार कम हुई है, जिसके लिए मुआवजे की मांग की गई। साथ ही, क्रय केंद्रों पर व्याप्त अव्यवस्था को सुधारने और बिचौलियों पर लगाम लगाने पर जोर दिया। वर्ष 2024-25 में घोषित 5 लाख रुपये तक की (किसान क्रेडिट कार्ड) छूट को तत्काल लागू करने की मांग की गई।
किसानों ने बेतहाशा बढ़ते बिजली बिल और अघोषित कटौती के लिए 'स्मार्ट मीटर' को जिम्मेदार ठहराते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की।
हेमराज वर्मा ने सरकार से आग्रह किया कि वह किसानों की खाद की कमी और आर्थिक तंगी के प्रति संवेदनशीलता दिखाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। रिपोर्ट जियाउल हक़ खान -151173981
