धनघटा क्षेत्र के गायघाट पूर्वी गांव में रविवार की शाम शादी के दौरान दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। मौत के बाद स्थिति को तनावपूर्ण होता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। गांव में एक घर से लड़के की बरात निकल रही थी।
इसी बीच बरात विदा कर लौट रही महिलाओं के साथ छेड़खानी की सूचना फैल गई। इसके बाद गांव के एक लड़की की शादी वाले घर से विवाद हो गया। मारपीट में पहले पक्ष से चार लोग घायल हो गए। इसमें एक युवक की मौत भी हो गई। इसके बाद लोग सड़क जाम कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। घटना की सूचना पर डीएम आलोक कुमार और एसपी संदीप मीना ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया कि मामले में जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। तनाव के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
गायघाट पूर्वी निवासी संभल निषाद के पुत्र सिंटू निषाद की शादी गोरखपुर जिले के तामा गांव में तय थी। रविवार को शादी होनी थी। तामा जाने के लिए गांव से बरात निकली और शाम 7.30 बजे के करीब सिवान तक बरात को छोड़कर महिलाएं घर लौट रही थीं
इसी बीच किसी ने शोर किया कि घर लौट रही महिलाओं के साथ रास्ते में छेड़खानी की जा रही है। गांव वालों का कहना है कि रविवार को ही योगेंद्र निषाद के लड़की की शादी थी। दोनों घरों में रिश्तेदार आए थे। एक पक्ष ने आरोप लगाया कि बरात छोड़कर घर लौट रही महिलाओं के साथ रास्ते में छेड़खानी की गई।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद होने लगा। इसके बाद मारपीट की नौबत आ गई। लाठी डंडे से लोगों ने एक-दूसरे पर हमला कर दिया। संभल निषाद के पक्ष के अनिल कपूर 20 वर्ष, बबली 24, दीपक 26 वर्ष, धीरज और अमित घायल हो गए।
घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली ले जाया गया, जहां अनिल कपूर की हालत गंभीर देख डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर ने अनिल को मृत घोषित कर दिए। इसके बाद लोग रात करीब 2 बजे शव लेकर घर लौट आए।
अनिल की मौत के बाद गांव की स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। लोग आरोपियों को तलाश करने लगे, लेकिन आरोपी पहले ही घर से भाग निकले थे। आरोपियों के भागने की सूचना पर सोमवार सुबह करीब 5.30 बजे गायघाट-मुंडेरा शुक्ला मार्ग पर एक आरोपी के घर के सामने लोगों ने सड़क जाम कर दिया।
लोग आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग करते हुए प्रदर्शन करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एडीएम न्यायिक चंद्रेश कुमार सिंह, तहसीलदार रामजी मौके पर पहुंचे। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। 10.30 बजे के करीब पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।
सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे जिलाधिकारी आलोक कुमार और एसपी संदीप मीना मौके पर पहुंचे। गांव के लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। गांव में तनाव बरकरार है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
रिपोर्टर फूलमती मौर्य 151188511
