उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आसमान से बरसती आग ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुंदेलखंड के बांदा में शनिवार को अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अप्रैल माह के रिकॉर्ड स्तर की बराबरी करता है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिनों तक लू से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। सुबह 11 बजे के बाद ही सड़कें सूनी नजर आने लगती हैं, जबकि तेज और गर्म हवाएं इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के लिए भी परेशानी का कारण बन रही हैं।
इस बीच, वरिष्ठ समाजसेवी मुसरफ खान ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलें। बाहर जाते समय सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें। चिकित्सकों ने भी हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने और खीरा-ककड़ी जैसे शीतल खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।
भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर हैं। आमजन से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की जा रही है, ताकि इस कठिन मौसम का सामना सुरक्षित तरीके से किया जा सके।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के मेरठ, आगरा, शाहजहांपुर, जालौन, बरेली, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, हरदोई, बाराबंकी, वाराणसी, गाजीपुर और प्रयागराज सहित कई जिलों में हीट वेव का प्रभाव साफ देखा जा रहा है। राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक निचले क्षोभ मंडल में गर्म पछुआ हवाओं और आंतरिक महाराष्ट्र के पास बने प्रतिचक्रवात के कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। 27 अप्रैल तक लू का असर जारी रहने और कुछ स्थानों पर गर्म रातों की भी संभावना जताई गई है। हालांकि इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश शुरू होने के संकेत हैं, जिससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। तब तक आमजन से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही है।
रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853
