मध्य प्रदेश भिंड। रौन में मोनी बाबा की बगिया में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन का कार्यक्रम बेहद भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। कथा के दौरान भक्त प्रह्लाद प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया गया।
कथा व्यास पंडित राजेश महाराज जी ने बताया कि भक्त प्रह्लाद ने अपनी माता कयाधु के गर्भ में ही नारायण नाम का मंत्र सुन लिया था। इस दिव्य नाम के प्रभाव से उनके जीवन के अनेक कष्ट स्वतः ही दूर हो गए। कथा का शुभारंभ गुरु वंदना के साथ किया गया, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
आगे कथा में भगवान श्री हरि के विभिन्न अवतारों का वर्णन करते हुए वामन अवतार की कथा सुनाई गई। इसमें बताया गया कि भगवान ने राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी और उन्हीं तीन पगों में तीनों लोक नाप लिए।
इसके बाद भगवान श्री कृष्ण की पावन लीलाओं का सुंदर वर्णन किया गया। कथा व्यास ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बच्चों को बचपन से ही धर्म और संस्कारों का ज्ञान दिया जाना चाहिए, क्योंकि यही संस्कार जीवन भर उनका मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अच्छे संस्कारों के कारण ध्रुव जी को मात्र पांच वर्ष की आयु में ही भगवान के दर्शन प्राप्त हो गए थे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री श्री महामंडलेश्वर श्री रामदास महाराज (दंदरौआ धाम, मध्य प्रदेश) उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने हनुमान जी के मंदिर में भजन प्रस्तुत किए, जिन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और भक्ति रस में डूब गए। देखे विमलेश की रिपोट
20260426184201387810547.mp4
20260426184253952118784.mp4
20260426184305940217162.mp4
20260426184313133884158.mp4

20260426184406280143686.mp4
20260426184407343433586.mp4