खैरथल-तिजारा, अलवर। जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। विभाग के कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों द्वारा निजी स्वार्थ के चलते कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से डेपुटेशन पर भेजा जा रहा है, जिससे विभागीय कार्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जानकारी के अनुसार, जिन कर्मचारियों को नियमित कार्यालयीन कार्यों में लगाया जाना चाहिए, उन्हें विभिन्न स्थानों पर डेपुटेशन के नाम पर भेज दिया जाता है, जिसके कारण मुख्य कार्यालयों में स्टाफ की कमी हो रही है और आमजन से जुड़े जरूरी कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से उन पर अतिरिक्त मानसिक दबाव और कार्यभार बढ़ रहा है तथा कई मामलों में डेपुटेशन आदेश बिना किसी स्पष्ट कारण के जारी किए जा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है। यह मामला अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है और कर्मचारियों एवं आमजन ने उच्च अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, ताकि विभाग में सुचारू एवं पारदर्शी कार्य व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्ट: संदीप यादव, जिला इंचार्ज, फास्ट न्यूज इंडिया, अलवर (राजस्थान)।
