फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। उप कृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने जनपद के समस्त कम्बाइन हार्वेस्टर संचालको/मालिको को सूचित करना है कि वर्तमान फसल कटाई सत्र रबी-2025-26 में बिना एस०एम०एम०एस० अथवा फसल अवशेष प्रबंधन के कृषि यंत्रो के उपयोग के गेहूँ फसल कटाई करते हुए पाये जाने पर जिलाधिकारी द्वारा उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही तथा सीज करने के निर्देश दिये गये है। इसके अतिरिक्त आगजनी की घटना फसल अवशेष के कारण न हो पाने पाये तथा पशुओ के लिए चारे की कमी भी न होने पाये के संबध में भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है। उन्होने जनपद के किसान भाईयो से अनुरोध किया है कि गेहूँ फसल की कटाई का कार्य कम्बाइन हार्वेस्टर के माध्यम से बिना एस०एम०एम०एस० अथवा फसल अवशेष प्रबंधन के कृषि यंत्रो के उपयोग के न कराये तथा यह भी सावधानी बरते कि किसी तरह से फसल अथवा फसल अवशेष में आगजनी की घटना न होने पाये, जिससे जन एवं धन हानि से बचा जा सकें तथा पशुओ के लिए चारे की भी व्यवस्था हो जाय। उक्त के पर्यवेक्षण हेतु कृषि एवं राजस्व विभाग के कर्मचारियो को सघन निगरानी के निर्देश भी दिये गये है, जिनके द्वारा ऐसे कम्बाइन हार्वेस्टर संचालको/मालिको के विरूद्ध तत्काल कार्यवाही कराई जायेगी, जिनके द्वारा जिलाधिकारी के निर्देशो का अनुपालन नही किया जायेगा। उन्होने बताया है कि किसान भाई फसल कटाई के बाद फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्रो जैसे-सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, पैडी स्ट्राचापर, श्रेडर, मल्चर, श्रब मास्टर, रोटरी स्लेशर, हाइड्रोलिक रिवर्सेबुल एम०बी०प्लाऊ, जीरो टिल सीड कम फर्टीड्रिल का प्रयोग खेत में अवश्य करे अथवा क्राप रीपर, रीपर कम बाइन्डर, रेक एवं बेलर का प्रयोग कर फसल अवशेष को अन्य कार्यों जैसे-पशु चारा, कम्पोस्ट खाद बनाने, बायो कोल, बायो फ्यूल एवं सी०बी०जी० आदि में उपयोग कर सकते है। फसल अवशेष को जलाने से रोकने हेतु जनपद में उप जिलाधिकारी के पर्यवेक्षण में सचल दस्ते गठित किये गये है, जिनके द्वारा उक्त की निरन्तर निगरानी की जा रही है। यदि कृषक/व्यक्ति फसल अवशेष/अन्य कृषि अपशिष्टो को जलाते हुए पाया जाता है अथवा सेटलाइट के माध्यम से घटना प्रकाश में आती है तो दोषी व्यक्ति एवं संबधित कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। उन्होने जनपद के समस्त कृषक बंधुओ एवं कम्बाइन हार्वेस्टर संचालको/मालिको से अनुरोध किया है कि वे दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करे, जिससे पर्यावरणीय क्षति से बचा जा सके तथा पशुओ के लिए चारे की भी व्यवस्था की जा सके। इसके अतिरिक्त किसान भाई गौशाला में भी पशुओ के लिए चारे का दान करने का कष्ट करे तथा फसल अवशेष/गेहूँ की पराली न जलाये। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
