- सऊदी जेल में फंसा प्रतापगढ़ का युवक, 42,000 रियाल जुर्माने से अटकी रिहाई
- रियाद में मजदूरों पर कार्रवाई: वेतन बढ़ाने की मांग पड़ी भारी, भारतीय ड्राइवर जेल में
- परिवार बेहाल, बच्चे लगा रहे गुहार—पिता को छुड़ाने की मांग
- प्रतापगढ़ का अमरनाथ सऊदी में बंद, आर्थिक तंगी के कारण रिहाई मुश्किल
- विदेश में फंसे भारतीय मजदूर की दर्दभरी कहानी, जुर्माना भरना बना चुनौती
- बच्चों ने लगाई गुहार: शाहरुख खान से पिता को छुड़ाने की अपील
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से एक बेहद भावुक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक गरीब परिवार अपने मुखिया की रिहाई के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। प्रतापगढ़ के मुजाही गांव के रहने वाले अमरनाथ 2 अक्टूबर 2025 को नौकरी के सिलसिले में सऊदी अरब के रियाद गए थे। वहां वे एक कंपनी में ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्हें 1200 रियाल वेतन दिया जा रहा था, लेकिन अमरनाथ और अन्य ड्राइवरों ने 1700 रियाल की मांग की।
वेतन बढ़ाने की मांग करना अमरनाथ और उनके साथियों को भारी पड़ गया। कंपनी मालिक ने सभी को जेल भिजवा दिया। अब उनकी रिहाई के लिए 42,000 रियाल का भारी जुर्माना लगाया गया है, जो एक गरीब मजदूर के लिए चुकाना लगभग असंभव है।
अमरनाथ के भाई सोमनाथ का कहना है कि उनके पास इतनी रकम नहीं है, न ही कोई जमीन है जिसे बेचकर पैसे जुटाए जा सकें। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।
घर पर अमरनाथ की पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं—10 साल की बेटी प्रतिज्ञा, 4 साल का बेटा अविनाश और महज 3 महीने का मासूम अभिनव। पिता की गैरमौजूदगी में पूरा परिवार टूट चुका है।
बच्चे रो-रोकर अपने पिता को वापस लाने की गुहार लगा रहे हैं और उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान से मदद की अपील की है। अमरनाथ 15 दिसंबर 2025 से सऊदी की जेल में बंद हैं और हर गुजरते दिन के साथ परिवार की उम्मीदें कमजोर पड़ती जा रही हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार और संबंधित एजेंसियां इस मामले में कोई पहल करेंगी? और क्या अमरनाथ अपने परिवार के पास लौट पाएंगे?
देखिए युसुफ खान की यह रिपोर्ट

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