नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक में शहर के विकास को नई गति देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में तय किया गया कि पार्षद निधि के तहत चालू वित्तीय वर्ष में अब 55 की जगह प्रत्येक पार्षद को 70 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके तहत पहली बार में 35 लाख का प्रस्ताव मांगा जाएगा।
जबकि शेष 35 लाख रुपये छह महीने के भीतर, यानी सितंबर माह के बाद उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं अब नए भवन पर संपत्ति कर के दौरान लगाए जाने वाले हजारों रुपये की जुर्माने की राशि से नागरिकों को राहत मिल गई है। पूरे प्रकरण पर नगर आयुक्त ने एक कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पार्षद अपने-अपने वार्डों में इस निधि के माध्यम से पाइपलाइन बिछाने और स्ट्रीट लाइट लगाने सहित अन्य जरूरी विकास कार्य करा सकेंगे। इससे वार्ड स्तर पर बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा और स्थानीय समस्याओं का तेजी से समाधान संभव हो सकेगा। सदस्यों ने कई अन्य अहम बिंदुओं पर भी चर्चा करते हुए निर्णय लिए।
खाली पड़े प्लॉट पर नामांतरण पर जुर्माना लगाने के मुद्दे पर फिलहाल रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इस विषय पर नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि अंतिम फैसला लेने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है, जो सभी पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। बैठक में शहर की साफ-सफाई, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।
पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं रखते हुए उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की, जिस पर सकारात्मक सहमति बनी। जोन चार के कार्यालय के जीर्णोद्धार की मांग उठाई गई जिस पर नगर आयुक्त ने सहमति जताई।
इसके साथ ही गर्मियों में 50 जगहों पर प्याऊ लगवाने का भी निर्णय लिया गया। इस अवसर पर मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल व कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।
रिपोर्ट फूलमती मौर्य 151188511
