- शिवपुरी में सियासी बवाल: विधायक प्रीतम लोधी का पुलिस को 15 दिन का अल्टीमेटम
- करेरा एक्सीडेंट विवाद गरमाया, विधायक लोधी ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
- “सच्चाई नहीं मानी तो 10,000 कार्यकर्ताओं के साथ करूंगा विरोध” – विधायक का बड़ा बयान
- मंत्री पद की दौड़ के बीच घिरे विधायक, विपक्ष पर बदनाम करने का आरोप
- पुलिस पर दबाव का आरोप: विधायक बोले—हमने जांच में पूरा सहयोग दिया
- शिवपुरी की राजनीति में हलचल तेज, प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक का कड़ा रुख
शिवपुरी। पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने करेरा एक्सीडेंट मामले को लेकर चल रहे विवाद के बीच आज शाम 8:00 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। विधायक ने स्पष्ट किया कि उन्होंने और उनके बेटे दिनेश लोधी ने इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की पूरी मदद की थी। उन्होंने कहा कि पुलिस के कहने पर उन्होंने गाड़ियां भेजीं और जांच में सहयोग के लिए दिनेश को भी भेजा, लेकिन इसके बावजूद एसडीओपी द्वारा उनके बेटे को राजनीति छोड़ने और क्षेत्र में न दिखने की धमकी दी गई।
यह भी हो सकता है कि विधायक पीतम लोधी मंत्री पद की दौड़ में हूं
मंत्री पद की दौड़ में बाधा डालने हेतु विपक्ष विधायक प्रीतम सिंह को बदनाम कर रहा है।
विधायक लोधी ने इस व्यवहार पर कड़ा आक्रोश जताते हुए पुलिस प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर पुलिस यह स्वीकार नहीं करती कि उन्होंने जांच में ईमानदारी से मदद की है, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
"यदि 15 दिन में प्रशासन ने सच्चाई स्वीकार नहीं की, तो मैं 10,000 कार्यकर्ताओं के साथ उनके घर जाकर गोबर भरवा दूंगा ताकि उन्हें सद्बुद्धि आए।"
विधायक के इस तीखे बयान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उन्होंने साफ किया कि वे जनता की सेवा के लिए हैं और पुलिस का ऐसा अड़ियल रवैया बर्दाश्त नहीं करेंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस अल्टीमेटम पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
देखे पिछोर से राजू जाटव की रिपोट
वाइट पिछोर विधायक पीतम सिंह लोधी

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