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नेटवर्क मार्केटिंग का जाल: दूसरों से बैंक में खुलवाते थे म्यूल खाते , खुद रखते
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    18 Apr 2026 14:34 PM



 

सरकारी योजनाओं के लाभ का झांसा देकर म्यूल खाते खुलवाने और उसके जरिये साइबर ठगी की रकम ठिकाने लगाने वाले एक और गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को क्षेत्र से गिरोह के सात गुर्गों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उन्नाव जिले के कोतवाली इलाके के सिविल लाइंस निवासी रवि सिंह उर्फ रामदास, चित्रकूट जिले के सरधुआ इलाके के सरधुआ निवासी ऋतुराज यादव, देवरिया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के गरूलपार निवासी दिव्यांशु सिंह उर्फ साहिल सिंह, गोरखनाथ इलाके के हुमायूंपुर उत्तरी निवासी अनुज विश्वकर्मा उर्फ शुभम विश्वकर्मा, राजघाट थाना क्षेत्र के मिर्जापुर निवासी ओमकार अग्रहरि उर्फ अजीत, गगहा इलाके के कईधाखुर्द के राहुल सिंह, गोरखनाथ थाना क्षेत्र के हुमायूंपुर उत्तरी निवासी आदित्य चौधरी उर्फ सौरभ चौधरी के रूप में हुई।
दिव्यांशु वर्तमान में रामगढ़ताल इलाके के इंदिरानगर और रामदास लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र के कंचना बिहारी मार्ग कल्याणपुर में रहता था।

पुलिस के अनुसार, लोगों को लालच देकर आरोपी उनके म्यूल खाते खुलवाते थे। उनके एटीएम कार्ड, पासबुक और चेक बुक अपने पास ही रखते थे। इसके बाद उनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के रुपयों को ठिकाने लगाने के लिए करते थे।
 पुलिस के मुताबिक, कोतवाली थाने में एक तहरीर मिली जिसके बाद गिरोह का पता चला। पुलिस ने जांच कर पहले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच के बाद एक और आरोपी को पकड़ा गया।

झांसा देकर खुलवाया बैंक खाता
पीड़ित विनोद कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि कुछ लोगों ने सरकारी योजनाओं के लाभ दिलाने के नाम पर उनके बेटे को अपने जाल में फंसाया और बैंक अकाउंट खुलवाया। फिर उसका पासबुक, एटीएम कार्ड और चेक बुक अपने पास रख लिया। कुछ समय बीत जाने के बाद भी जब व्यक्ति को कोई लाभ नहीं मिला तो उसे शक हुआ।
पता चला कि उसके खाते का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के रुपयों को ठिकाने लगाने के लिए किया जा रहा है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की तो गिरोह के बारे में पता चला। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ओमकार अग्रहरि उर्फ अजीत और ऋतुराज यादव के कहने पर वे लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ का लालच देकर जाल में फंसाते थे। जांच में आया है कि उन्होंने कई लोगों के खाते खुलवाए थे और उसके जरिये करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन किए थे।
पीड़ित की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में गिरोह का पता चला। सात गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश जारी है: निमिष पाटिल, एसपी सिटी

रिपोर्टर फूलमती मौर्य 151188511



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