फास्ट न्यूज इंडिया आलीराजपुर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए आमजन को जागरूक किया जा रहा है। वर्ष 2026 के गर्मी के मौसम में संभावित स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव और समय पर उपचार के बारे में लोगों को जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अत्यधिक तापमान के कारण लू (हीट स्ट्रोक), डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द, बुखार, थकान और त्वचा संबंधी समस्याएं होने की आशंका बढ़ जाती है। विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं तथा लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोग इसके अधिक शिकार हो सकते हैं।
गर्मी से बचाव के उपाय
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि तेज धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में जाने से परहेज करें। अधिक मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और ओआरएस का सेवन करें। हल्के रंग के ढीले व सूती कपड़े पहनें तथा बाहर निकलते समय सिर को टोपी, गमछा या कपड़े से ढककर रखें। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
लक्षण दिखाई देने पर तुरंत करें यह कार्य
यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक पसीना आना, तेज बुखार, चक्कर आना, बेहोशी या उल्टी जैसी समस्या हो तो उसे तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं। उसे पानी या ओआरएस दें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत उपचार कराएं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अतुलकर ने आम नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में सावधानी बरतें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक दवाइयों और उपचार की व्यवस्था की गई है, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज मिल सके पायल बघेल 151172231
