फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया
यूपी, गोरखपुर। मुख्यमंत्री की शहरी विस्तार योजना के तहत प्रस्तावित ‘नया गोरखपुर’ को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर भूमि जुटाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इसी क्रम में सदर और चौरीचौरा तहसील के छह गांवों में भूमि अधिग्रहण की तैयारी शुरू हो गई है।
प्राधिकरण द्वारा तहसील सदर के ग्राम बैजनाथपुर तथा चौरीचौरा तहसील के कुसम्ही, भैसहा, रुद्रापुर, अराजी मतौनी और अराजी बसडीला गांवों को चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में जीडीए और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें सर्वेक्षण कर भूमि का चयन कर रही हैं।
तीन विकल्पों से होगा अधिग्रहण
भूमि अधिग्रहण के लिए प्राधिकरण ने किसानों के सामने तीन विकल्प रखे हैं—
आपसी सहमति से सीधे खरीद,
लैंड पुलिंग योजना,
और आवश्यकता पड़ने पर अनिवार्य अधिग्रहण।
इससे किसानों को अपनी सुविधा के अनुसार विकल्प चुनने का अवसर मिलेगा।
6000 एकड़ में विकसित होगा नया शहर
नया गोरखपुर लगभग 6000 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। अब तक मानीराम, रहमतनगर और बालापार गांवों में समझौते के जरिए भूमि प्राप्त की जा चुकी है। वहीं, माड़ापार, तकिया मेदनीपुर और कोनी गांवों में अनिवार्य अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जल्द पूरी होने की उम्मीद है।
किसानों को मिलेगा बेहतर मुआवजा
प्राधिकरण किसानों को सर्किल रेट का चार गुना तक मुआवजा देने पर विचार कर रहा है। विभिन्न गांवों में वर्तमान सर्किल रेट 26 लाख से 65 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के बीच है। हालांकि अंतिम मुआवजा दरों पर अभी निर्णय लिया जाना बाकी है।
गुरुकुल सिटी के रूप में होगा विकास
‘नया गोरखपुर’ को आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘गुरुकुल सिटी’ के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसमें बेहतर आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस परियोजना से न केवल शहर का विस्तार होगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे। रिपोट - जसवीर मोदनवाल 151167985
