शहर के बहुप्रतीक्षित विरासत गलियारा परियोजना को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान ने सोमवार रात परियोजना का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए।
चेतावनी दी कि यदि कार्य में लापरवाही या देरी पाई गई तो संबंधित कार्यदायी संस्था को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। प्रमुख सचिव ने सीवर लाइन का निरीक्षण करते हुए कहा कि यदि कहीं सीवर लाइन धंसी तो ठेकेदार के साथ अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। प्रोजेक्ट की प्रगति धीमी होने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
अधिकारियों ने बताया कि धर्मशाला से शुरू होकर जटाशंकर, आर्यनगर, बक्सीपुर, रेती, घंटाघर होते हुए नार्मल तक जाने वाले इस मार्ग की कुल लंबाई 3.5 किलोमीटर है। परियोजना के तहत डक्ट और ड्रेनेज का कार्य 7000 मीटर के सापेक्ष 6800 मीटर तक पूरा हो चुका है।
वहीं सड़क चौड़ीकरण का कार्य 3.5 किमी के मुकाबले 2.9 किमी तक पूर्ण कर लिया गया है। बिटुमिनस (डामरीकरण) कार्य 1.5 किमी तक हो चुका है, जबकि शेष कार्य तेजी से जारी है। इसे 15 मई तक पूरा करना है।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने अधिशासी अभियंता निर्माण खंड-2 और विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मार्ग में बाधा बन रहे सभी खंभों और ट्रांसफाॅर्मर को 10 दिनों के भीतर हर हाल में शिफ्ट किया जाए, ताकि निर्माण कार्य में कोई रुकावट न आए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना की गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और समन्वय बनाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रिपोर्टर फूलमती मौर्य 151188511
