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यूपी, गोरखपुर, कुसम्ही बाजार । गोरखपुर जनपद के कुसम्ही क्षेत्र में स्थित कुसम्ही बाजार के अंतर्गत ग्राम पंचायत रुद्रापुर में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक भव्य ‘किसान गोष्ठी एवं सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पंचायत भवन परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय किसान, जनप्रतिनिधि तथा कृषि विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन सरदार नगर समिति के तत्वावधान में किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से अवगत कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम में गोरखपुर मंडल के अपर आयुक्त तथा जिला कृषि अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसके बाद किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया गया। इस संवाद के दौरान किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं—जैसे फसल की लागत, सिंचाई, उर्वरक की उपलब्धता और रोग प्रबंधन—को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों ने इन समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए अपर आयुक्त ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय को दोगुना करना है। उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गन्ना विकास विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों और उन्नत बीजों का प्रयोग करें, जिससे उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि हो सके।
जिला कृषि अधिकारी ने अपने संबोधन में गन्ने की नई एवं उन्नत प्रजातियों की जानकारी दी, जो अधिक उत्पादन देने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता भी रखती हैं। उन्होंने ‘लाल सड़न’ जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए वैज्ञानिक तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने किसानों को समय-समय पर खेतों की निगरानी करने, संतुलित उर्वरक प्रयोग और उचित सिंचाई प्रबंधन अपनाने की सलाह दी।
इस अवसर पर सरदार नगर समिति के अध्यक्ष, गन्ना विकास विभाग के अधिकारी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजेश कनौजिया, ग्राम पंचायत सदस्य लल्लू पांडेय और राधेश्याम निषाद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में कुछ प्रगतिशील किसानों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी किया गया, जिससे अन्य किसानों को प्रेरणा मिल सके।
कुल मिलाकर यह किसान गोष्ठी न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि किसानों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध हुई। ऐसे आयोजनों से किसानों को नई तकनीकों की जानकारी मिलती है और उनकी समस्याओं का समाधान भी तेजी से हो पाता है, जो कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। रिपोट - जसवीर मोदनवाल 151167985
