पीलीभीत। सोशल मीडिया पर भावनाओं को भड़काना भारी पड़ सकता है, लेकिन समय रहते गलती मान लेना विवाद को खत्म भी कर सकता है। पीलीभीत में डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने का मामला अब सुलझता नजर आ रहा है।
हाल ही में एक युवक ने संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर के विरुद्ध अमर्यादित पोस्ट साझा की थी, जिससे स्थानीय लोगों और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश फैल गया था। भीम आर्मी ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
मामले को तूल पकड़ता देख आरोपी युवक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया। उसने हाथ जोड़कर सार्वजनिक रूप से समाज से माफी मांगी और भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का वादा किया। युवक के पछतावे को देखते हुए अब स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उदारता दिखाई है। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की है कि युवक ने अपनी भूल मान ली है, अतः उसके प्रति कठोर दंडात्मक कार्रवाई न की जाए ताकि समाज में वैमनस्य न फैले।
यह घटना याद दिलाती है कि अभिव्यक्ति की आजादी के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है। जहाँ अपमानजनक टिप्पणियां कानूनी अपराध हैं, वहीं आपसी संवाद और माफी बड़े से बड़े विवाद को टालने का सामर्थ्य रखती हैं। जैसा कि कहा गया है—गलती मान लेना ही सुधार की पहली सीढ़ी है। रिपोर्ट जियाउल हक़ खान -151173981
