प्रयागराज के हंडिया तहसील अंतर्गत धनूपुर ब्लॉक के पिपरी गांव स्थित देवबरा धाम में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय रामकथा का भव्य आयोजन आपको बता दे कि कथा के आठवें दिन परम पूज्य राजन जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जो कार्य प्रसन्न मन से किया जाता है, वह अवश्य पूर्ण होता है।
कथा से पूर्व 4 अप्रैल 2026 दिन शनिवार को चनेथू ग्राम सभा में विमल धर दुबे जी के आवास पर राजन जी महाराज का भव्य आगमन हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं और पटाखों के साथ जोरदार स्वागत किया। इस दौरान महाराज जी ने विमल धर दुबे जी के यहां जलपान ग्रहण किया और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। और वहीं पर महाराज जी ने कहा कि परिवार और समाज में कार्यों का उचित बंटवारा होना चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति सभी कार्य नहीं कर सकते और उन्होंने कहा कि काम के बीच विश्राम नहीं करना चाहिए, क्योंकि अधूरे मन और बीच में रुकावट से कार्य पूर्ण नहीं हो पाता। और वही देवबरा धाम में
सुंदरकांड की कथा सुनाते हुए राजन जी महाराज ने हनुमान जी के लंका गमन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि कैसे सुरसा ने हनुमान जी की परीक्षा ली और हनुमान जी अपनी बुद्धिमत्ता से सफल हुए, तथा मैनाक पर्वत द्वारा विश्राम का आग्रह किए जाने पर हनुमान जी ने कहा और जब तक रामकाज पूर्ण न हो जाए, तब तक विश्राम नहीं।"और इस अवसर पर ग्राम सभा चनेथू निवासी विमल धर दुबे ने राजन जी महाराज की कथा की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके मुखारविंद से निकले शब्दों ने उन्हें भक्तियोग में लीन कर दिया। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कथा में पहुँचने की अपील की।
वहीं ग्राम बरियावा के शुभम शुक्ला ने कहा कि यह क्षेत्रवासियों का सौभाग्य है कि राजन जी महाराज के चरण इस भूमि पर पड़े। उन्होंने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि वर्ष 2031 में पुनः इसी क्षेत्र में भव्य रामकथा का आयोजन होगा। रिपोट - प्रदीप मिश्रा 151045438


