पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम कई रिकॉर्ड हैं। अब एक नया रिकॉर्ड बन गया। मुख्यमंत्री रहते हुए राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करने वाले वे पहले नेता है।
मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने वाले देश में कई नाम है पर मुख्यमंत्री रहते हुए राज्यसभा सदस्य बनने वाले नीतीश इकलौते नेता हैं।
राज्यसभा सदस्य के साथ बिहार के सीएम भी
कई नेता ऐसे रहे जिन्होंने राज्य की सियासत के बाद उच्च सदन की राह पकड़ी। लेकिन वे सभी मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद उच्च सदन गए।
लेकिन नीतीश कुमार अब बिहार के मुख्यमंत्री के साथ ही राज्यसभा सदस्य भी बन गए हैं जो अपने आप में पहली और अनूठी घटना है।
बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड में मुख्यमंत्री रहे शिबू सोरेन। ने जब यह पद छोड़ा तो उनकी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा।
दिग्विजय सिंह, महबूबा मुफ्ती समेत कई पूर्व सीएम पहुंचे राज्यसभा
इसी तरह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह भी जब सीएम की कुर्सी से हटे तो कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाया।
शरद पवार का नाम भी इस सूची में शामिल है। वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद वह राज्यसभा के सदस्य बने।
जम्मू कश्मीर में भी इसका उदाहरण है। महबूबा मुफ्ती ने जब वहां के मुख्यमंत्री के पद को छोड़ा तब वह राज्यसभा की सदस्य बनीं।
इसी कड़ी में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद विप्लव कुमार देव को राज्यसभा का सदस्य बनाया गया।
नीतीश कुमार के नाम सिर्फ यही रिकॉर्ड नहीं है। वे 10 बार सीएम बने। सबसे लंबे समय तक बिहार की सत्ता संभाली और अब केंद्र की सियासत करेंगे।
