बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीज माफिया की सक्रियता एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। तीन दिन पहले बाल रोग विभाग में इलाज के लिए आए एक नवजात को भर्ती से पहले यह कहकर लौटा दिया गया कि बेड उपलब्ध नहीं है।
इसी दौरान सक्रिय बिचौलियों ने परिजनों को बरगलाकर कॉलेज रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। बताया जा रहा है कि निजी अस्पताल में भर्ती के बाद नवजात का इलाज शुरू हुआ, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई।
आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के नाम पर भारी भरकम बिल बनाया और परिजनों पर 70 हजार रुपये अतिरिक्त जमा करने का दबाव बनाया। परिवार का कहना था कि भुगतान के बिना शव देने में भी आनाकानी की गई। हालांकि यह मामला नया नहीं है। 15 मार्च को भी एक एंबुलेंस से मरीज को निजी अस्पताल ले जाते समय पकड़ा गया था।
उस दौरान बिहार की एक किशोरी को भर्ती से पहले उसके परिजनों को बरगलाकर ले जाया जा रहा था, जिसके बाद एंबुलेंस पकड़कर सीज कर दी गई थी। मेडिकल कॉलेज परिसर के आसपास सक्रिय बिचौलिए लगातार बरगला कर मरीजों और तीमारदारों को निजी अस्पतालों में भेजने का काम लगातार कर रहे हैं। इसके बाद भी उन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
रिपोर्टर फूलमती मौर्य 151188511
