कोथावां । महीनों से राशन कार्डधारकों के साथ गड़बड़ी और दबंगई के आरोप झेल रहे ग्राम पंचायत कल्याणमल के उचित दर विक्रेता पर आखिरकार प्रशासन का शिकंजा कस गया। जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद संबंधित कोटेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कानून की सख्ती सामने आते ही कोटेदार की हेकड़ी धरी रह गई और मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने कठोर कदम उठाए हैं। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पिछले दो–तीन महीनों में कई लाभार्थियों से ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बावजूद खाद्यान्न का वितरण नहीं किया गया। पीड़ित कार्डधारकों ने सामूहिक रूप से लिखित बयान देकर आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार दुकान पर बुलाया गया, लेकिन राशन नहीं दिया गया। इससे परेशान होकर कई परिवारों को मजबूरी में दूसरी दुकानों से अनाज खरीदना पड़ा। जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर स्टॉक रजिस्टर और उपलब्ध खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन किया। जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक मात्रा में अंतर पाया गया। गेहूं, चावल और ज्वार की मात्रा कम मिली, वहीं दुकान पर आवश्यक सूचनाओं का प्रदर्शन भी नहीं था। वितरण व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं मिलने से स्पष्ट हुआ कि सरकारी राशन का सही तरीके से वितरण नहीं किया जा रहा था। रिपोर्ट में कई कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिन्होंने नवंबर 2025 से फरवरी 2026 तक अंगूठा लगने के बावजूद राशन न मिलने की बात कही। विभागीय वेबसाइट और ई-पॉस मशीन की रिपोर्ट के मिलान में भी वितरण में गड़बड़ी के संकेत मिले, जिससे मामले की पुष्टि हुई।मामले को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 तथा विक्रय एवं वितरण नियंत्रण आदेश 2016 का उल्लंघन माना है। उपजिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद संबंधित कोटेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। प्रशासन का कहना है कि दोष सिद्ध होने पर लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, ताकि गरीबों के हक पर डाका डालने वालों को स्पष्ट संदेश मिल सके। रिपोट - पियूष कुमार तिवारी 151131881
