न्याय के लिए भटकता पीड़ित: जमीन पर कब्जे की धमकी, कार्रवाई नहीं
पैतृक जमीन बचाने की जंग: पीड़ित ने एसपी से लगाई गुहार
दबंगों की धमकी, पुलिस खामोश: पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार
दबंगों का आतंक: राजस्व रिकॉर्ड के बावजूद जमीन पर कब्जे की साजिश
फास्ट न्यूज इंडिया प्रतापगढ़। जनपद के थाना दिलीपपुर क्षेत्र में पैतृक भूमि पर कब्जे को लेकर एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां पीड़ित न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। सराय गनई निवासी संतोष कुमार सिंह पुत्र स्व. शम्भू सिंह ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी पुश्तैनी जमीन को भूमाफियाओं से बचाने की गुहार लगाई है। पीड़ित के अनुसार, उनकी भूमिधरी भूमि गाटा संख्या 17, रकबा 0.191 हेक्टेयर ग्राम सराय गनई में स्थित है, जिस पर उनका वैध स्वामित्व है और राजस्व अभिलेखों में भी उनका नाम दर्ज है। इसके बावजूद गांव के कुछ दबंग—संजय सिंह, अजय सिंह, राजेन्द्र प्रताप सिंह, कृष्ण प्रताप सिंह, प्रशान्त सिंह और कर्नल जय राम सिंह—एकजुट होकर जबरन जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। आरोप है कि उक्त लोग खुलेआम धमकी देते हुए जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं और पीड़ित के कब्जे में हस्तक्षेप कर रहे हैं। इतना ही नहीं, बाग में लगे महुआ और आम के पेड़ों से फल बीनने तक से रोक दिया गया है। विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिससे पीड़ित परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है। पीड़ित ने बताया कि उसने थाना दिलीपपुर में लिखित शिकायत भी दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की इस निष्क्रियता से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार दबाव बना रहे हैं। पीड़ित ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी भी समय कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया कि विपक्षी भूमाफिया प्रवृत्ति के हैं और दबंगई के बल पर उनकी जमीन हड़पना चाहते हैं। अंततः पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और उनकी पैतृक भूमि को सुरक्षित कराया जाए। यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आम नागरिक को अपनी ही जमीन बचाने के लिए कितनी बड़ी लड़ाई लड़नी पड़ रही है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
