पीलीभीत। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर निजी स्कूलों द्वारा की जा रही अवैध वसूली और जिले के सरकारी क्रय केंद्रों में व्याप्त अनियमितताओं पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025 में भी निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ ज्ञापन दिया गया था। आरोप है कि कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों से किताबों, कॉपियों, एडमिशन फीस, बिल्डिंग फीस, स्कूल ड्रेस और ट्यूशन फीस के नाम पर मनमाने तरीके से वसूली की जा रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि विद्यालय निरीक्षक कार्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय इस गंभीर मुद्दे पर गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाए हुए हैं और संगठन द्वारा पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है।
ज्ञापन में दूसरा प्रमुख मुद्दा पीलीभीत जिले में खुले सरकारी क्रय केंद्रों का है। यूनियन के अनुसार, जिले में क्रय केंद्र तो खोल दिए गए हैं, लेकिन अभी तक वहां तौल शुरू नहीं की गई है। किसानों को बारदाने (बोरियों) की कमी या बिजली की समस्या का बहाना बनाकर वापस भेजा जा रहा है। संगठन ने मांग की है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए तौल तुरंत शुरू कराई जाए।
प्रशासनिक उदासीनता से आक्रोशित होकर यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि 24 अप्रैल 2026 तक जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा इन समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो 25 अप्रैल 2026 से भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) उग्र आंदोलन शुरू करेगी। संगठन ने साफ कर दिया है कि इस स्थिति में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष जिला उपाध्यक्ष के साथ रंजीत सिंह कहलो, जोगा सिंह, बलराम सिंह, जगविंदर सिंह, सोहन सिंह, सुखदेव सिंह, कांता प्रसाद, जुनैद खान, सुरेश शर्मा और अनय कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे। रिपोर्ट जियाउल हक खान -151173981
