संकट मोचन भगवान श्रीहनुमानजी जन्मोत्सव के पावन अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी राजेश खुराना ने गहरी आस्था और समर्पण व्यक्त करते हुए कहा कि हे संकट मोचन कृपा बनाएं रखना हे प्रभु मैं अपना जीवन आपके श्री चरणों में समर्पित करता हूँ। जो आपको अच्छा लगे वह कर देना, जो आपको लगे कि आपसे मेरा संबंध हट जाएगा तो उसे मेरे मांगने पर भी पूरा नहीं करना। हे संकट मोचन चिरंजीवी प्रभु सभी पर अपनी विशेष कृपा और आशीर्वाद बनाये रखना।
वरिष्ठ समाजसेवी राजेश खुराना ने अपने उद्बोधन में भगवान श्रीहनुमानजी को साहस, अद्वितीय प्रेम, समर्पण, निस्वार्थ सेवा, प्रेरणा और अटूट भक्ति का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि वे अज़र अमर हैं, आज़, कलियुग में भी वे संसार में विचरण कर रहे हैं और अपने भक्तों की सहायता करते हैं। उनके नाम का जाप या श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने से भय, चिंता और कष्ट दूर हो जाते हैं। चिरंजीवी हनुमानजी आज भी कलियुग में अपने भक्तों के बीच विद्यमान हैं और उनकी सच्चे मन से की गई आराधना हर संकट को दूर कर देती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि श्री हनुमान चालीसा का नियमित पाठ और प्रभु के नाम का जाप करने से भय, चिंता और कष्ट स्वतः समाप्त हो जाते हैं - साथ ही, इससे व्यक्ति को बल, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है।
अपने संदेश में उन्होंने प्रसिद्ध पंक्तियों -“सब सुख लहै तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू को डरना। संकट कटे मिटे सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।” का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण से जीवन की हर बाधा दूर हो सकती है। वरिष्ठ समाजसेवी राजेश खुराना ने भगवान श्री हनुमान जी के चरणों में गहरी आस्था और समर्पण व्यक्त करते हुए कहा कि हे संकट मोचन प्रभु मैं अपना जीवन आपके चरणों में समर्पित करता हूँ। हे प्रभु, जो आपको अच्छा लगे वही करना, और जो अगर आपको लगे कि आपसे मेरा संबंध हट जाएगा तो उसे मेरे मांगने पर भी पूरा नहीं करना। बस, यह मेरा जीवन व्यर्थ ना जाए। हे प्रभु हम पर और हमारे परिवार पर अपनी विशेष कृपा और आशीर्वाद सदैव बनाएं रखना और प्रभु सबका भला करना।
उन्होंने आगे कहा, मेरे प्रभु श्रीहनुमानजी सब समझते हैं, वो ज्ञान विज्ञान के महासाग़र है। अरे दोस्तों, ये क्या बात हुई कि "वो मेरी मांग पूरी नहीं करते जो मिलना होगा वो बिन मांगे मिल जाएगा, उनके आश्रित रहो। मांगने की जरूरत नहीं।
राजेश खुराना ने लोगों को यह भी समझाया कि जीवन केवल मांगने के लिए नहीं, बल्कि प्रभु पर विश्वास रखने के लिए मिला है। उन्होंने कहा, अगर मांगना ही है तो प्रभु से भक्ति मांगो, ऐसा मन मांगो जो हर परिस्थिति में उन्हें याद रखे। भाई यह मनुष्य का जीवन मांगने के लिए मिला है क्या? अगर प्रभु से मांगना ही है तो यह मांगों कि "प्रभु आप के चरणों में भक्ति हो जाए, मैं कैसी भी परिस्थिति में रहू। प्रभु कभी आपको भूलूं नहीं। यह मेरा जीवन व्यर्थ ना जाए।
उन्होंने नकारात्मक विचारों से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि कौन क्या कर रहा है? कैसे कर रहा है? क्यों कर रहा है? कौन किसकी बुराई कर रहा हैं? इन सब नकारात्मक बातों से आप जितना मुझे दूर रखेगें मैं उतना ही खुश रहूंगा। जो आपको अच्छा लगे वह कर देना। और जो आपको लगे कि आपसे मेरा संबंध दूर करेगा, उसे मेरे मांगने पर भी पूरा न करना। उन्होंने कहा दूसरों की आलोचना और व्यर्थ की बातों से दूरी ही सच्चे सुख का मार्ग है। जो व्यक्ति प्रभु पर पूर्ण विश्वास रखता है, उसका जीवन स्वतः सार्थक हो जाता है। राजेश खुराना विनम्र अनुरोध करते हुए कहा, प्रभु आप सब समझते हैं, मैं आप पर आश्रित हूँ। आपकी कृपा और आशीर्वाद से मेरा जीवन सार्थक हो जाए। आज मैं आपके चरणों में खड़ा होकर अपने जीवन की सारी चुनौतियों और संकटों को आपके चरणों में छोड़ना चाहता हूं। आपकी शक्ति और कृपा से मुझे विश्वास है कि मैं सभी चुनौतियों का सामना कर सकता हूं। हे संकट मोचन आपकी महिमा अपरंपार है। आप हमारे संकटों को दूर करने वाले हैं। आपकी कृपा से हमारा जीवन सुखी और समृद्ध हो जाता है। मुझे आपकी शरण में रहने की अनुमति दीजिए। मुझे आपकी कृपा और आशीर्वाद की आवश्यकता है। मैं आपका आभारी हूं। आपकी महिमा को मैं अपने जीवन में हमेशा याद रखूंगा।
आखिर में उन्होंने सभी से आह्वान किया कि संकट मोचन प्रभु की महिमा अपरंपार है, उनकी शक्ति और कृपा से हमारे सारे संकट दूर हो जाते हैं। चिरंजीवी प्रभु का चरित्र हमें यह सिखाता है कि निस्वार्थ सेवा, सच्ची भक्ति और समर्पण से कोई भी कार्य असंभव नहीं है। भगवान श्रीहनुमानजी के आदर्शों - निस्वार्थ सेवा, समर्पण और सच्ची भक्ति को अपने जीवन में अपनाएं। प्रभु का नाम जाप से बल, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है। इसलिए सभी से हमारा विनम्र निवेदन हैं कि चिरंजीवी प्रभु संकट मोचन श्री हनुमानजी की महिमा को अपने जीवन में उतारना चाहिए और उनकी कृपा और आशीर्वाद से अपने संकटों को दूर करना चाहिए। भगवान श्रीहनुमानजी की भक्ति से हमें शक्ति, साहस और आत्मविश्वास मिलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रभु की कृपा से हर व्यक्ति अपने संकटों को पार कर सकता है और एक सुखी, समृद्ध जीवन जी सकता है।
ॐ हनुमंते नमः केसरी नन्दन - अंजनी पुत्र, श्री राम दूत चिरंजीवी प्रभु सभी पर अपनी विशेष कृपा और आशीर्वाद बनाये रखें। जै जै श्री हनुमान - जै जै श्री राम। रिपोर्ट - नन्द किशोर शर्मा 151170853
रिपोर्ट फास्ट न्यूज़ इंडिया
