महापुरुषों के बताएं गए मार्ग ही हमारे लिए कल्याणकारी -महात्मा सार्था नंद जी
मान सम्मान का हनन ही वास्तविक हनुमान जयंती -महात्मा सुजाता बाई जी
वाराणसी । धर्म नगरी वाराणसी के राजातालाब में स्थित मानव उत्थान सेवा समिति की शाखा सर्व धर्म मंदिर आश्रम के द्वारा दो दिवसीय सद्भावना सत्संग समारोह में भक्तों को समझाते हुए महात्मा सार्था नंद जी ने कहा कि 'महाजनो येन गत: स पंथा' अर्थात महापुरुषों के बताएं गए मार्ग ही हमारे लिए कल्याणकारी है, उनके द्वारा बताएं मार्ग पर चलकर ही हम अपना लोक और परलोक सुधार सकते है।
अखिल भारतीय आध्यात्मिक और सामाजिक संस्था मानव उत्थान सेवा समिति के प्रणेता विश्व प्रसिद्ध समाजसेवी व आध्यात्मिक गुरु पूज्य श्री सतपाल जी महाराज की प्रेरणा से समिति के पूर्वांचल सह प्रभारी महात्मा सार्था नंद जी ने बताया कि धार्मिक और आध्यात्मिक होना दोनों अलग विषय है। ज़ब हम यज्ञ-हवन, दान-पुण्य, तीरथ, व्रत-उपवास, भूखे को भोजन देना, प्यासे को पानी देना यह सब धार्मिकता के अंतर्गत आता है। लेकिन ज़ब ज्ञानी संतों के सानिध्य से अध्यात्म ज्ञान को प्राप्त करते है, तब हम आध्यात्मिक कहलाते है।
सत्संग समारोह कार्यक्रम में जिला वाराणसी प्रभारी महात्मा सुजाता बाई जी ने सत्संग की अमृत वर्षा करते हुए कहा कि आज श्री हनुमान जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर आप सभी प्रभु प्रेमी भाइयों एवं बहन जी को ढेर सारी शुभकामनाएं !आदरणीय बाई जी ने यह भी बताया कि *नाशे रोग हरे सब पीरा जो सुमिरै हनुमत बलबीरा* अर्थात उस प्रभु का जो पावन नाम है जिसका सुमिरन करने से सारे रोग सारे कष्ट दूर हो जाते है इससे यह शिक्षा मिलता है कि हमें भी किसी महापुरुष की शरण में जाकर उनसे ज्ञान प्राप्त कर सुमिरन भजन कर अपने जीवन का कल्याण करना चाहिए!साथ ही मानव के उत्थान के लिए मानव को अपने मान सम्मान एवं अहंकार का हनन करना ही वास्तविकता में हनुमान जयंती का प्रतीक है।
इस दौरान महात्मा सार्था नंद जी, महात्मा सुजाता बाई जी,महात्मा महादेवी बाई जी ने भी अपने-अपने सत्संग विचार रखें।
कल प्रातः कालीन एक सद्भावना शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। यात्रा में अनेक प्रकार के उद्घोष जैसे राष्ट्र की एकता और अखंडता सहित सनातन धर्म को सुदृढ़ बनाएं रखने के उदेश्य से नारे लगाएं जाएंगे। अनेक माताएँ-बहनें अपने सर पे कलश और अपने पारम्परिक वेश भूषा में अनुशासित और ट्रैफ़िक नियमों का पालन करते हुए डीह बाबा मंदिर प्रांगण राजातालाब वाराणसी कार्यक्रम स्थल से यात्रा प्रारम्भ करके आसपास के अनेक स्थानों से होते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर यात्रा सत्संग समारोह में परिवर्तित होगा। उपस्थित सभी संत महात्मा और गणमान्य अतिथियों का समिति के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। अपने भक्तिपूर्ण प्रेरणादायक व सुमधुर भजनों द्वारा सभी भक्तों को लाभान्वित किया।
इस दौरान जिला प्रधान श्री सुरेंद्र नाथ जी, जिला सचिव गुलज़ारी लाल जी,जिला प्रमुख (मानव सेवा दल) श्री छोटेलाल यादव जी, मंडल प्रधान श्री श्याम आसरे पाण्डेय जी, पंकज गुप्ता जी, शशिकला, पूनम आदेश जी, नम्रता देवी, माया देवी, किरण देवी और विनोद कुमार सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहें। आरती-प्रसाद के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शाखा आश्रम विभाग के पदाधिकारियों, मानव सेवा दल के स्वयंसेवकों और यूथ विंग के सदस्यों का विशेष योगदान रहा। मंच संचालन शाखा प्रधान विजय प्रकाश पाठक ने किया ।। रविन्द्र गुप्ता
