उनवल। खजनी तहसील में प्रशासनिक व न्यायिक अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने तहसीलदार की कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए उनके स्थानांतरण की मांग की।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह, उपाध्यक्ष राजदेव प्रियदर्शी, मंत्री राजनाथ दूबे, अधिवक्ता महेश प्रसाद दूबे और दीपक मिश्र के अनुसार, इससे पूर्व भी वकीलों ने न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यों में सुधार की मांग को लेकर डीएम दीपक मीणा से मुलाकात की थी। उनके आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने दोबारा न्यायिक कार्य शुरू किया था।
अधिवक्ताओं का कहना है कि एसआईआर में व्यस्तता के कारण तहसील स्तर पर प्रशासनिक व न्यायिक समन्वय प्रभावित हुआ। इसी दौरान न्यायालय के कार्यों के संचालन को लेकर उत्पन्न परिस्थितियों से अधिवक्ताओं में असंतोष बढ़ा। इसके बाद 22 जनवरी आपात बैठक बुलाकर निर्णय लिया गया था कि तहसीलदार के न्यायालय का बहिष्कार कर तीन फरवरी को धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
अधिवक्ताओं ने परिसर में नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया और डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। धरना-प्रदर्शन में विनोद पांडेय, शशि शेखर सिंह, प्रमोद मिश्र, गजेंद्र कुमार, बृजेंद्र यादव, अनूप सिंह, विनोद सिंह, कमलेश कुमार आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
इस संबंध में एसडीएम खजनी राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि अधिवक्ताओं की ओर से सौंपा गया ज्ञापन डीएम को भेज दिया जाएगा। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
खजनी तहसील में धरने पर बैठे अधिवक्ता।
रिपोर्ट - फूलमती मौर्य 151188511
