गोरखपुर। रजिस्ट्री विभाग में मंगलवार को सर्वर स्लो होने से ओटीपी न आने के चलते गवाहों के आधार का सत्यापन नहीं हो पाया। उनके अंगूठे का मिलान नहीं होने पर दिक्क्तें आईं। बाद में मैनुअल ही सत्यापन कराकर रजिस्टी कराई गई। इसके चलते लोगों को दो से तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। अपराह्न करीब तीन बजे सर्वर सही हुआ तो रजिस्ट्री में तेजी आई।
रजिस्ट्री कार्यालय में पूर्वाह्न 11 बजे से भीड़ बढ़ गई। क्रेता-विक्रेता के आधार का सत्यापन तो हो गया लेकिन गवाहों का फंस जा रहा था। इसके चलते भीड़ बढ़ती गई। गवाहों के सत्यापन में ओटीपी नहीं आ रही थी तो स्किप का विकल्प आ गया। इस कारण उनकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी घंटो लटकी रही। सिक्टौर के पास से आए राधेश्याम ने बताया कि दो घंटे बाद रजिस्ट्री हो पाई। गवाह के आधार कार्ड का सत्यापन नहीं हो पा रहा था। बाद में मैनअल की अनुमति मिल गई।
बुजुर्गों के अंगूठा स्कैन करने में दिक्कत, रेटिना के जांच की मांग
सब रजिस्ट्रार कार्यालय में सोमवार को एक बुजुर्ग महिला की रजिस्ट्री अटक गई। अधिकारियों ने लखनऊ बात करके रजिस्ट्री कराई लेकिन इसके बाद कई बुजुर्गों का अंगूठा स्कैन नहीं होने या आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं होने का मामला सामने आया। तीन बुजुर्गों को लौटा दिया गया। वहीं, दस्तावेज लेखक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शैलेष गोस्वामी ने महानिरीक्षक निबंधन को पत्र लिखकर बॉयोमेट्रिक डिवाइस के साथ ही रेटिनोफिकेशन डिवाइस लगाने की मांग की है, ताकि बुजुर्गों की आंखों को स्कैन किया जा सके। इस मामले में एआईजी स्टॉम्प एवं पंजीयन संजय कुमार दुबे ने बताया कि रेटिना स्कैन के सुझाव को उच्चाधिकारियों को बताकर दिशा-निर्देश लिया जाएगा।
रिपोर्ट - फूलमती मौर्य 151188511
