फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। एनपीएस (नई पेंशन योजना) और टीईटी नीतियों के विरोध में अटेवा पेंशन बचाओ मंच के आह्वान पर बुधवार को जनपद प्रतापगढ़ में कर्मचारियों ने ‘काला दिवस’ मनाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। अटेवा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान पर आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बेसिक शिक्षा विभाग, सफाई कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मियों ने अपनी बाहों में काली पट्टी बांधकर अपने-अपने कार्यस्थलों पर कार्य करते हुए विरोध दर्ज कराया। अटेवा पेंशन बचाओ मंच, प्रतापगढ़ के जिलाध्यक्ष सी.पी. राव ने कहा कि एनपीएस और टीईटी जैसी नीतियों को लेकर कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली को कर्मचारियों का अधिकार बताते हुए कहा कि इसके लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा। जिला महामंत्री विनय सिंह ने सरकार पर कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।जिला संरक्षक डॉ. विनोद त्रिपाठी ने इसे कर्मचारियों के हक की लड़ाई बताते हुए कहा कि सभी वर्ग के कर्मचारी एकजुट होकर इसमें भाग ले रहे हैं। वहीं प्रदेश आईटी सेल सहप्रभारी वेद प्रकाश आर्यन ने कहा कि प्रदेश स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश है और आंदोलन लगातार गति पकड़ रहा है। जिला अध्यक्ष अयोध्या यादव ने बताया कि सफाई कर्मचारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। जिला संयोजिका पार्वती विश्वकर्मा ने कहा कि महिला कर्मचारियों ने भी पूरे उत्साह के साथ काला दिवस मनाकर एकजुटता का परिचय दिया। जिला उपाध्यक्ष सुरेन्द्र विमल के अनुसार मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों ने भी काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। वहीं जिला उपाध्यक्ष डॉ. रजनीश रत्न वर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सैकड़ों फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्सों ने प्रदर्शन में भाग लिया। जनपद के आसपुर देवसरा, कालाकांकर, मानधाता, सांड़वा चंदिका सहित सभी ब्लॉकों में काला दिवस व्यापक रूप से मनाया गया। कार्यक्रम में सुरजीत कुमार, बसंत सरोज, दिनेश सरोज, जे.के. शर्मा, राजकुमार शुक्ल, विनोद कुमार, अमित कुमार, शोभा शर्मा, करुणा शंकर यादव, डॉ. सुशील कुमार, मदन सिंह, लालमणि यादव, उदय सिंह, उमेश तिवारी, रामयश सरोज, पंकज सिंह, अभय सिंह, सत्येन्द्र सिंह, अरशद अली, अखिलेश, ओंकार नाथ, उपेन्द्र मिश्र, प्रमोद गुप्ता, नसीमा बानो, रेनू यादव, भूपेन्द्र गुलशन, संदीप यादव, कमलेन्द्र कुशवाहा, संगीता विश्वकर्मा, प्रतिभा ओझा, राम विशाल पाल, जेपी यादव, महेशमणि, दिनेश चौधरी सहित अनेक कर्मचारियों का योगदान रहा। अंत में पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
