बयाना- आदिवासी मीणा महापंचायत में बयाना क्षेत्र व भरतपुर जिले के मीणा समाज के पंच पटेलों सहित प्रदेश भर के विभिन्न जिलों से आए मीणा समाज के पंच पटेलों ने भाग लिया और मीणा समाज से संबंधित विभिन्न सामाजिक मुद्दों व सामाजिक परम्पराओं पर चर्चा करते हुए सरकार व प्रशासन पर समाज के साथ गलत व्यवहार करने और उनकी सामाजिक परम्पराओं व रीति रिवाजों को उन पर जबरन नये नियम कानूनों को थोप कर उन्हें मिटाने के प्रयास करने के आरोप लगाते हुए उनका विरोध भी किया। प्राप्त जानकारी अनुसार आदिवासी मीणा समाज की यह महापंचायत 31 मार्च को श्री महावीर जी में हुई। जिसमें राष्ट्रीय मीणा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर बयाना क्षेत्र के गांव संतोकपुरा निवासी सेवानिवृत भजन लाल मीणा को राष्ट्रीय मीणा महासभा के भरतपुर जिला अध्यक्ष पद पर व अलवर के कमलसिंह मीणा को अलवर जिले के अध्यक्ष पद पर मनोनीत किए जाने की भी घोषणा की गई। महापंचायत में राष्ट्रीय मीणा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ पुरुषोत्तम लाल मीणा व प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा एवं बयाना क्षेत्र के सरपंच कमल सिंह मीणा व सरपंच राम खिलाड़ी मीणा व जिंसीराम मास्टर, महेंद्र सिंह मीणा, धर्म सिंह मीणा डीलर, आदि भी शामिल हुए। जिन्होंने बताया कि इस महापंचायत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सामाजिक एकता व समरसता और आपसी भाईचारा व सामाजिक एकता व सामाजिक परंपराओं का निर्वहन करने और उन्हें मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया।महापंचायत में पंच पटेलों ने समाज के बुजुर्गों द्वारा सोच समझकर निर्धारित की गई प्राचीन और सामाजिक व रूढ़िवादी परंपराओं को मीणा समाज की संस्कृति और पहचान व सामाजिक एकता और अनुशासन को मजबूत बनाने वाली अच्छी परमपराएं बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन उनकी इन पहचानों के साथ छेड़छाड़ कर, नए नियम कानूनों को जबरन थोप कर मिटाने का प्रयास कर रहे हैं। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महापंचायत में समाज में शादी विवाह से लेकर गमी तक के और सभी सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम पूर्व की भांति सामाजिक व रुढ़िवादी परंपराओं के अनुसार ही संपन्न किए जाने का भी निर्णय लिया गया। उनका कहना था कि यही प्राचीन व सामाजिक रुढ़िवादी परंपराएं मीणा समाज की विशेष पहचान और आपसी भाईचारा बनाए हुए हैं।
