- UPPCS-2024 में अमित कुमार सिंह ने हासिल की 152वीं रैंक
- भैसोना गांव के बेटे का असिस्टेंट कमिश्नर (GST) पद पर चयन
- सीमित संसाधनों के बीच मेहनत से लिखी सफलता की कहानी
- पूरे गांव में जश्न, ग्रामीणों ने जताया गर्व
- “डॉक्टरों की फैक्ट्री” अब प्रशासनिक सेवाओं में भी आगे
- अमित का संदेश—निरंतर मेहनत ही सफलता की असली कुंजी
यूपी प्रयागराज से बड़ी और गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS-2024) के अंतिम परिणाम में प्रतापगढ़ जिले के रानीगंज तहसील अंतर्गत भैसोना गांव के युवा प्रतिभाशाली अमित कुमार सिंह ने 152वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर (GST) के पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
अमित कुमार सिंह डॉ. राजीव सिंह के छोटे भाई और विनय कुमार सिंह के पुत्र हैं। उन्होंने अपने शिक्षा जीवन की शुरुआत भैसोना गांव से की। सीमित संसाधनों और पारंपरिक ग्रामीण चुनौतियों के बावजूद अमित ने कभी अपने लक्ष्य को नजरअंदाज नहीं किया। उन्होंने प्रयागराज में प्रतिष्ठित संस्थान Exam Yug 24 से तैयारी प्रारंभ की और बाद में दिल्ली जाकर और अधिक अध्ययन किया। लंबे समय तक कठिन मेहनत और अनुशासन के बल पर उन्होंने यह महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की, जो पूरे गांव और जिले के लिए गर्व का विषय है।
अमित की इस उपलब्धि से भैसोना गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के सभी नागरिक, वरिष्ठ एवं सम्मानित व्यक्ति जैसे राजेंद्र बहादुर सिंह, मुन्नू सिंह, दशरथ सिंह, आर.के. सिंह, संतोष सिंह, अनिल सिंह, ग्राम प्रधान सोनू सिंह, पुष्पेन्द्र बहादुर सिंह और मुलायम सिंह ने अमित की सफलता पर गर्व जताया और उन्हें लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
भैसोना गांव, जिसे पहले से ही शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है और जिसे “डॉक्टरों की फैक्ट्री” के रूप में जाना जाता है, अब प्रशासनिक सेवाओं में भी अपनी पहचान बना रहा है। पिछले वर्षों में भी इस गांव के कई छात्र-छात्राओं ने सरकारी सेवाओं में चयन प्राप्त कर इस गौरवशाली परंपरा को जारी रखा है। अमित की सफलता ने इस परंपरा को और मजबूत किया है और गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा का नया स्रोत तैयार किया है।
अमित कुमार सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर मेहनत, अनुशासन, परिवार के आशीर्वाद और प्रभु की कृपा को दिया। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर की जाए, तो कोई भी बाधा सफलता के मार्ग में रोड़ा नहीं बन सकती। उन्होंने कहा, “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, नियमित प्रयास ही सफलता की कुंजी है।”
डॉ. राजीव सिंह ने इस अवसर पर कहा, “संघर्ष जितना कठिन होता है, सफलता उतनी ही ऊँची होती है। अमित की उपलब्धि यह प्रमाणित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार की जाए, तो कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती।”
डॉ. अरविंद कुमार सिंह, Director Exam Yug 24, ने कहा कि “यदि विद्यार्थी सही मार्गदर्शन, तकनीक और अनुशासन के साथ लगातार प्रयास करें, तो सफलता निश्चित है। अमित इसका सजीव उदाहरण हैं।”
डॉ. सोनिया सिंह, Director, नारायण स्वरुप हॉस्पिटल एवं नारायण स्वरुप इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस ने कहा, “अमित की सफलता यह दर्शाती है कि ग्रामीण प्रतिभाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। सही मार्गदर्शन, अनुशासन और मेहनत से गांव का हर युवा ऊँचाइयों को छू सकता है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का दीपक है।”
अमित कुमार सिंह की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे भैसोना गांव, तहसील और जिले के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। यह कहानी यह संदेश देती है कि कठिन मेहनत, लक्ष्य के प्रति समर्पण और सही दिशा के साथ प्रयास करने वाले व्यक्ति के लिए कोई भी सपना असंभव नहीं है। आज भैसोना गांव ने केवल शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सेवा में भी अपनी एक मजबूत पहचान स्थापित की है।
अमित की उपलब्धि आने वाले वर्षों में अन्य ग्रामीण युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी और उन्हें यह दिखाएगी कि सही मार्गदर्शन, कड़ी मेहनत और लगन के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। पूरे भैसोना गांव और प्रतापगढ़ जिले में अब युवाओं में नई ऊर्जा और उम्मीद की लहर दौड़ गई है।
देखे यूपी सेंट्रल से मनोज सिंह की रिपोट
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