- मऊ में जमीन घोटाला: भाई पर बहनों का हक मारने का आरोप
- पिता की खरीदी जमीन पर कब्जा, बेटियां न्याय के लिए भटक रहीं
- घोसी में पारिवारिक विवाद: बहनों से पैसा लेकर भाई ने कराई खुद के नाम रजिस्ट्री
- मानसिक रूप से कमजोर बहन को भी नहीं छोड़ा, जमीन विवाद ने लिया गंभीर रूप
- मौत के बाद बढ़ा विवाद: जमीन के पैसे और मालिकाना हक को लेकर बवाल
- एसपी कार्यालय पहुंचीं पीड़ित बहनें, भाई पर धोखाधड़ी का आरोप
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के घोसी क्षेत्र से एक जमीन विवाद का मामला सामने आया है, जिसमें परिवार के भीतर धोखाधड़ी और हक से वंचित करने के आरोप लगे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नसरुद्दीन अदारी निवासी घोसी के तीन पुत्र—नियाजुद्दीन, फयाजुद्दीन और रियाजुद्दीन—तथा छह पुत्रियां हैं। नसरुद्दीन ने वर्ष 2005 में अपनी बेटियों के लिए अदारी निवासी आफताब (पुत्र खुर्शीद खान) से जमीन खरीदी थी, लेकिन वह जमीन बेटियों के नाम दर्ज नहीं हो सकी।
वर्ष 2010 में नसरुद्दीन का निधन हो गया। इसके बाद आरोप है कि सबसे छोटे पुत्र रियाजुद्दीन ने अपनी बहनों से पैसा लेकर जमीन उनके नाम कराने का वादा किया, लेकिन वर्ष 2012 में जमीन अपने ही नाम बैनामा करा ली। इस प्रक्रिया में दूसरे पुत्र फयाजुद्दीन ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए थे।
परिवार की एक छोटी पुत्री, जो मानसिक रूप से कमजोर बताई जा रही है, उससे भी पैसा लेकर उसे घर से निकाल देने का आरोप है। वर्तमान में वह किसी तरह अपने बड़े भाई के साथ रह रही है।
इसी बीच, जमीन बेचने वाले आफताब की वर्ष 2024 में मृत्यु हो गई। इसके बाद उनके बेटों ने पैसे की मांग की, लेकिन आरोप है कि न तो उन्हें पैसा दिया गया और न ही जमीन का उचित निपटारा किया गया।
रियाजुद्दीन का कहना है कि उसने जमीन खुद खरीदी है, जबकि परिजनों का आरोप है कि उसने केवल कागजी कार्रवाई कराकर जमीन अपने नाम कर ली और असली भुगतान नहीं किया।
पीड़ित बेटियां न्याय के लिए भटक रही हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में वे एसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दे चुकी हैं। देखे मऊ से कोमल प्रसाद की रिपोट

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